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West Bengal: अलग राज्य की मांग के खिलाफ टीएमसी का प्रस्ताव पास, बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
Mon, 20 Feb 2023 06:03 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 20 Feb 2023 06:03 PM IST
सार
अलीपुरद्वार से भाजपा सांसद और कुछ अन्य नेताओं ने उत्तरी बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग की थी। हालांकि बीजेपी पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वह राज्य के बंटवारे के खिलाफ है।
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ममता बनर्जी(फाइल)
- फोटो : PTI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने आज विधानसभा में अलग राज्य की मांग के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव के समर्थन में 185 मत पड़े। इसके साथ ही प्रस्ताव को विधानसभा से पास कर दिया गया। बता दें कि उत्तर बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग उठ रही है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीएमसी के एक मंत्री ने कहा कि बंगाल को बांटने की कोशिश हो रही है। जल्द ही पार्टी इसके खिलाफ एक प्रस्ताव लेकर आएगी। 20 फरवरी को रूल 185 के तहत विधानसभा में नोटिस दिया गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर अलग राज्य की मांग करने का आरोप लगाया और बीते साल अलीपुरद्वार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि वह अपना खून देने के लिए तैयार हैं लेकिन बंगाल का बंटवारा नहीं होने देंगी।
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गौरतलब है कि अलीपुरद्वार से भाजपा सांसद और कुछ अन्य नेताओं ने उत्तरी बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग की थी। हालांकि बीजेपी पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वह राज्य के बंटवारे के खिलाफ है। भाजपा प्रवक्ता सामिक भट्टाचार्य ने कहा था कि भाजपा, पश्चिम बंगाल के किसी भी तरह के बंटवारे के खिलाफ है। बता दें कि उत्तरी बंगाल के पहाड़ी इलाके में भारतीय गोरखालैंड संघर्ष समिति भी गोरखालैंड के नाम से नए राज्य की मांग कर रही है।
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बीते शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक प्रस्ताव पास किया गया, जिसके तहत आदिवासियों के सारी और सरना को अलग धर्म का दर्जा दिया गया है। आगामी पंचायत चुनाव में टीएमसी को इससे फायदा मिल सकता है।