{"_id":"631337c93297aa399222bd5a","slug":"tmc-leader-raju-sahani-arrested-by-cbi-in-a-chit-fund-case-sent-for-5-days-police-remand-by-asansol-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chit Fund Case: टीएमसी नेता राजू सहनी को पांच दिन का पुलिस रिमांड, सौगत रॉय ने फिर दिया विवादित बयान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Chit Fund Case: टीएमसी नेता राजू सहनी को पांच दिन का पुलिस रिमांड, सौगत रॉय ने फिर दिया विवादित बयान
Sat, 03 Sep 2022 10:11 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 03 Sep 2022 10:11 PM IST
सार
सीबीआई ने चिटफंड घोटाले में उत्तर 24 परगना के हलीशहर नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर छापेमारी की थी। उनके घर से भारी मात्रा में कैश और हथियार भी बरामद हुआ था।
विज्ञापन
सीबीआई(सांकेतिक)
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल में चिटफंड मामले में टीएमसी नेता और हलिसहर नगर पालिका अध्यक्ष राजू सहनी को आसनसोल कोर्ट ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इससे पहले सीबीआई ने बीते दिन राजू सहनी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे आसनसोल की अदालत में पेश किया गया था।
विज्ञापन
इससे पहले सीबीआई ने चिटफंड घोटाले में उत्तर 24 परगना के हलीशहर नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर छापेमारी की थी। यहीं से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। बताया जा रहा है कि उनके घर से भारी मात्रा में कैश और हथियार भी बरामद हुआ था।
विज्ञापन
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, कोलकाता के न्यूटाउन स्थित उनके फ्लैट में तलाशी के दौरान करीब 80 लाख रुपये की नकदी भी जब्त की गई थी। साथ ही एक बिना लाइसेंसी पिस्तौल भी बरामद की गई थी। बताया जा रहा है कि उनके विदेशी बैंकों के अकाउंट के बारे में भी सीबीआई को पता चला है।
विज्ञापन
सीबीआई की टीम सुबह से ही उनके घर में तलाशी अभियान चला रहा थी। सूत्रों के अनुसार, घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद इस बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सीबीआई अधिकारियों ने सहनी को गिरफ्तार कर लिया। उन पर सन्मार्ग कॉआपरेटिव नामक चिटफंड कंपनी को संरक्षण देने के नाम पर मोटी रकम लेने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि इस चिटफंड मामले की जांच के दौरान कंपनी के लोगों से पूछताछ में सीबीआई को सहनी के बारे में अहम जानकारी हाथ लगी थी। इसके बाद आरोप है कि सहनी जांच में सीबीआइ को सहयोग नहीं कर रहे थे। जिसके बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, एक अन्य टीम ने हलीशहर स्थित उनके पैतृक आवास पर भी छापेमारी की।
भाजपा ने टीएमसी पर साधा निशाना
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि TMC को BJP के बारे में सोचना बंद करना चाहिए, उन्हें गिनती शुरू करनी चाहिए की कौन जेल जाएगा कौन बाहर आएगा। TMC का अंदरूनी झगड़ा बढ़ रहा है, यह और बढ़ेगा। आपस में खून खराबा होगा। पार्टी टूट चुकी है एक जोर का धक्का चाहिए जो हम दे देंगे।
पीठ पर घूंसे मारे जाएंगे: सौगत रॉय
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने शनिवार को विपक्षी दलों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के हर नेता पर चोर होने का ठप्पा लगाने वालों को पार्टी कार्यकर्ता पीठ पर घूंसे मारेंगे। रॉय ने उत्तरी कोलकाता के दमदम में एक बैठक में कहा कि अगर विपक्षी दल पूर्व मंत्री एवं पार्टी से निलंबित नेता पार्थ चटर्जी को निशाना बनाते हैं, तो वह इस पर आपत्ति नहीं जताएंगे, लेकिन उन्हें हर तृणमूल नेता पर चोर का ठप्पा लगाने की भूल नहीं करनी चाहिए।
बांग्लादेशियों को भी पार्थ के करीबी ने दिलाई नौकरी
बंगाल शिक्षक घोटाला में सीबीआई को चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे हैं। जांच में पता चला है कि सीमा पार से अवैध तरीके से कई बांग्लादेशी नागरिकों की भी राज्य के विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों में फर्जी तरीके से शिक्षक के पद पर नियुक्ति हुई है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, पहचान छुपाकर बांग्लादेशियों की नियुक्ति की गई।
सूत्रों का दावा है कि बांग्लादेशियों की फर्जी नियुक्ति के इस पूरे खेल में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का करीबी रिश्तेदार प्रसन्ना राय शामिल था। राय मोटी रकम लेकर बांग्लादेशियों को फर्जी भारतीय पहचान पत्र भी मुहैया करवाता था। भर्ती घोटाले के सिलसिले में राय को हाल में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
सूत्रों की मानें तो जांच में पता चला है कि नियुक्ति पाने वालों में से किसी भी बांग्लादेशी ने स्कूल सेवा आयोग की परीक्षा तक नहीं दी। इन बांग्लादेशियों ने कोलकाता के विवि से डिग्री हासिल की थी। सीबीआई सूत्रों की मानें तो प्रसन्न राय ने इस तरह की फर्जी नियुक्तियों की बात स्वीकारी है।