Tirupati Laddu Row: क्या अयोध्या भेजे गए थे एक लाख लड्डू? तिरुपति के प्रसाद में चर्बी की रिपोर्ट पर भड़का RSS
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या भेजे गए थे तिरुपति के लड्डू?
इस जानकारी के सामने आने के बाद अब ये सवाल खड़ा हो रहा है कि, क्या इस साल की शुरुआत में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में भी तिरुपति के लड्डू भेजे गए थे। दरअसल उस वक्त मीडिया में ऐसी कई रिपोर्ट्स छपी थीं जिनमें कहा गया था कि, इस उत्सव को खास बनाने के लिए प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति देवास्थानम ने एक लाख छोटे लड्डू अयोध्या भेजने का फैसला किया है।
हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि, तिरुमाला तिरुपति देवास्थानम ने राम मंदिर उत्सव के दौरान लड्डू भेजे थे या नहीं। इसी बीच आरएसएस के मुख पत्र पांचजन्य ने तिरूपति मंदिर के लड्डूओं को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
लड्डुओं में चर्बी मिलने के दावे पर RSS ने जाहिर की नाराजगी
पांचजन्य ने सोशल मीडिया एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता ! तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर के प्रसाद में मिलाया जा रहा था जानवरों की चर्बी, सूअर का फैट और मछली का तेल। जगनमोहन रेड्डी की सरकार ने हिन्दुओं की आस्था के साथ किया अन्याय! लैब में हुए सैंपल टेस्ट में सामने आई बड़ी जानकारी ! आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दी थी जानकारी, अब मंदिर के लड्डू प्रसाद में मिलाया जा रहा है घी।
लैब टेस्ट में पशु चर्बी की पुष्टि का दावाइस से शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता !
— Panchjanya (@epanchjanya) September 19, 2024
तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर के प्रसाद में मिलाया जा रहा था जानवरों की चर्बी, सूअर का फैट और मछली का तेल।
जगनमोहन रेड्डी की सरकार ने हिन्दुओं की आस्था के साथ किया अन्याय!
लैब में हुए सैंपल टेस्ट में सामने आई बड़ी जानकारी !
आंध्र प्रदेश के… pic.twitter.com/TCPQYIbMV2
इस मामले पर टीडीपी प्रवक्ता अनम वेंकट रमण रेड्डी ने दावा किया कि प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की ओर से उपलब्ध कराए गए घी के नमूनों में गुजरात स्थित पशुधन प्रयोगशाला द्वारा मिलावट की पुष्टि हुई है। नमूने लेने की तारीख नौ जुलाई, 2024 थी और लैब रिपोर्ट 16 जुलाई की थी। इस रिपोर्ट में घी के नमूने में पशु की चर्बी, लार्ड (सूअर की चर्बी) और मछली के तेल की मौजूदगी का दावा किया गया है।