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लकड़ी की तस्करी करने वाला 'तेलंगाना का वीरप्पन' 20 साल बाद गिरफ्तार

Mon, 13 May 2019 09:40 AM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Mon, 13 May 2019 09:40 AM IST
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Timber Smuggler also known as Telangana Veerappan is arrested after 20 years
येदला श्रीनिवास श्रिनु - फोटो : social media

पुलिस और वन विभाग दो दशक से जिस व्यक्ति की तलाश कर रहे थे, वह आखिरकार गिरफ्तार हो गया है। आरोपी व्यक्ति अपने गिरोह के साथ तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के जंगलों से लकड़ी की तस्करी करता था। आरोपी का नाम येदला श्रीनिवास श्रिनु है, जिसे तेलंगाना का वीरप्पन भी कहा जाता है।

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पुलिस ने उसे तेलंगाना के पेडापल्ली जिले से गिरफ्तार किया है। राज्य सरकार बड़े पैमाने पर हो रही पेड़ों की कटाई से परेशान थी। लकड़ी की तस्करी करने वालों के खिलाफ यह पहली बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। एक अधिकारी का कहना है कि वह बीते बीस सालों से आरक्षित वनों से पेड़ों को गिरा रहा था। वह सबसे अधिक सागौन की लकड़ी की तस्करी करता था। तेलंगाना में मनचेरियल, मंथनी और चेन्नूर क्षेत्रों में विशाल वन नष्ट हो रहे थे। आरोपी तेलंगाना के अलावा आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के जंगलों को भी निशाना बना रहा था।
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वन विभाग के एक अधिकारी का कहना है, "सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई को लेकर गंभीर विचार किया और पुलिस और वन अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भले ही इसमें राजनीतिक समर्थन शामिल क्यों ना हो।" रामगुंडम के पुलिस कमिश्नर वी सत्यनारायण का कहना है, "हमने येदला श्रिनु और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है।"
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आरोपी के खिलाफ करीब बीस मामले दर्ज हैं। वह अपनी चालाकी से पुलिस और वन अधिकारियों को चकमा दे रहा था। वह लकड़ी की तस्करी के लिए बैलगाड़ी का इस्तेमाल करता था। जिसकी आमतौर पर जांच नहीं की जाती है।

इसके अलावा उसने किसानों, चरवाहों और पशुपालकों के बीच भी डर का वातावरण बनाया हुआ था। जो पेड़ों की कम होती संख्या की शिकायत नहीं करते थे। पुलिस अभी इस बात का पता लगाने में लगी हुई है कि इतने सालों में श्रिनु ने कितना पैसा जमा किया है। सत्यनारायण ने बताया, "चुनावों के समय वह उम्मीदवार और राजनीतिक पार्टी की तरफ से गांवों में पैसे भी बांटता था।"


एक वन अधिकारी ने कहा, "उसकी तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के मिल मालिकों के साथ सांठगांठ थी, जिन्हें वह सागौन की लकड़ी देता था। पुलिस अब इन मिल मालिकों की गिरफ्तारी कर रही है।"


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