फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Three Years of Modi Government, Report card of Narendra Modi's Cabinet

मोदी सरकार के 3 साल, 'आदर्श' गांव के मामले में कितने फेल कितने पास

Fri, 26 May 2017 08:53 AM IST
amarujala.com- राजेंद्र सिंह
amarujala.com- राजेंद्र सिंह Updated Fri, 26 May 2017 08:53 AM IST
विज्ञापन
Three Years of Modi Government, Report card of Narendra Modi's Cabinet
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2014 को सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरूआत करते समय कहा था कि इस टर्म में कुल 3 गांवों की परिकल्पना की गई है। 2016 तक एक मॉडल गांव खड़ा हो जाए तो उसके अनुभव के आधार पर 2019 तक दो और गांव आदर्श हो जाएंगे। यानी, एक सांसद के कोटो में तीन आदर्श गांव हो जाएंगे।
विज्ञापन


सोच थी कि लोकसभा-राज्यसभा के 800 सांसद 2019 तक अगर तीन-तीन गांवों को गोद लेंगे तो ढाई हजार मॉडल गांव तैयार हो जाएंगे। पीएम ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सबसे पहले जिस जयापुर गांव को गोद लिया, उसे मॉडल गांव की श्रेणी में गिना जा सकता है।
विज्ञापन


इसके आधार पर उनके संसदीय क्षेत्र के नागेपुर गांव को विकसित किया जा रहा है। मोदी की परिकल्पना उनके चुने हुए गांवों में तो साकार होती नजर आ रही है, लेकिन दूसरे सांसदों के गांव आदर्श बनने से बहुत दूर हैं। योजना का शुभारंभ करते समय पीएम ने उम्मीद जताई थी कि इन गांवों को देखकर दूसरे गांव भी विकास की दौड़ में शामिल होंगे। योजना को शुरू हुए करीब पौने तीन साल हो गए पर, मॉडल गांवों को लेकर प्रधानमंत्री का विजन जमीन पर नहीं उतर पाया । मोदी ने दूसरा गांव चुना नागेपुर। सेवापुरी विधानसभा सीट के इस गांव में 
विज्ञापन
विज्ञापन


5 मार्च 2016 से अब तक काफी विकास हुआ है। पंजाब नेशनल बैंक ने किसान प्रशिक्षण केंद्र बनाया है। इसमें महिलाओं, युवतियों को सिलाई-कढ़ाई के प्रशिक्षण के साथ ही कम्प्यूटर की ट्रेनिंग दी जा रही है। गांव का विद्युतीकरण हो गया है। गांव के बाहर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाकर पार्क बनाया जा रहा है। नंदघर आंगनबाड़ी केंद्र बन गया ह। 

सामुदायिक भवन बनाकर वाई-फाई शुरू हुआ है। ग्राम प्रधान पारसनाथ राजभर बताते हैं कि सड़क के किनारे दो प्रतीक्षालय बनाए गए हैं। सौर ऊर्जा का 50 किलोवाट का प्लांट लगाने का फैसला हो चुका है। खेलकूद मैदान का सौंदर्यीकरण होगा पर गांव के जोखन मौर्य और बुजुर्ग मेवालाल व शंकर की शिकायत है कि गांव की मुख्य समस्या जलभराव की है। बरसात में स्थिति काफी खराब हो जाती है। ग्राम प्रधान स्वीकारते हैं कि जलभराव बड़ी समस्या है। इसके समाधान के लिए नाला बनना जरूरी है। 

भाजपा के वो सांसद जिन्होंने गांव चुनने में दिखाया आलस

Three Years of Modi Government, Report card of Narendra Modi's Cabinet

भाजपा के लोकसभा सदस्य
डॉ. मुरली मनोहर जोशी, हेमा मालिनी, पुष्पेंद्र सिंह, चंदेल, राजेश कुमार दिवाकर, राघव लखनपाल, दद्दन मिश्र, जगदंबिका पाल, राजेश पांडेय, कमलेश पासवान, अनुप्रिया पटेल

राज्यसभा सांसद
विशंभर प्रसाद निषाद, प्रमोद तिवारी, आलोक तिवारी, दर्शन सिंह यादव, विनय कटियार, मुनकाद अली, सतीशचंद्र मिश्र, जया बच्चन, प्रो. रामगोपाल यादव, जावेद अली खान, नीरज शेखर, रविप्रकाश वर्मा, चंद्रपाल सिंह यादव, अशोक सिद्धार्थ, सुरेंद्र सिंह यादव, कपिल सिब्बल, रेवती रमण सिंह।

ये सांसद भी पिछड़े
बाराबंकी: नहीं हो पाए विकास कार्य
बाराबंकी की सांसद प्रियंका रावत ने सिद्धौर ब्लॉक के बुधनाई गांव को गोद लिया था। ग्रामीण बताते हैं कि ढाई साल से ज्यादा बीतने पर भी गांव में बुनियादी विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। गंदगी है न बैंक शाखा ही खुली है न ही डाकघर बना।

रायबरेली: सोनिया के गांव में कोई काम नहीं
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रायबरेली जिले के जगतपुर ब्लॉक के उड़वा गांव को गोद लिया था। पूर्व प्रधान दर्शन पासी का कहना है कि विकास का कोई काम नहीं हुआ। जो पहले प्रस्तावित कार्य थे, वे भी बंद हो गए। 16 करोड़ रुपये के काम होने थे, लेकिन नहीं हुए। 

सुल्तानपुर: वरुण के गांव को इंतजार
सुल्तानपुर के सांसद वरुण गांधी ने पहले वलीपुर गांव का चयन किया और फिर मल्हीपुर का। वलीपुर गांव में ऐसा कोई काम नहीं हुआ कि इसे मॉडल गांव के रूप में देखा जाए। अधिकतर शौचालय भी स्तरीय नहीं हैं। मल्हीपुर में चिकित्सा, शिक्षा, परिवहन, रोजगार पेयजल में काम नहीं हो पाया।

अमेठी: राहुल का गांव विकास से कोसों दूर
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेठी के जगदीशपुर को आदर्श गांव के लिए चुनाव था। पर विकास कार्य नहीं हुआ। गांव के मनीष तिवारी और दयाशंकर श्रीवास्तव का कहना है कि प्रदेश सरकार या जिला स्तर से होने वाले काम नहीं हुए। मूलभूत जरूरतों में भी गांव पिछड़ा हुआ है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed