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कोलकाता: सेना का हेलीकाप्टर गिरा, तीन अधिकारियों की मौत, एक घायल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 30 Nov 2016 10:26 PM IST
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उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग जिले में बुधवार सुबह सेना के एक हेलीकाप्टर के हैलीपैड पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की वजह से तीन अधिकारियों की मौत हो गई जबकि एक जूनियर कमीशंड आफिसर (जेसीओ) अस्पताल में जीवन और मौत के बीच झूल रहा है। यह हादसा सिलीगुड़ी से लगभग 15 किमी दूर सुकना कैंटोनमेंट इलाके में हुआ। इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
सेना की पूर्व कमान के प्रवक्ता विंग कमांडर एसएस बिरदी ने बताया कि उक्त चीता हेलीकाप्टर सुबह लगभग साढ़े दस बजे हादसे का शिकार हो गया। उन्होंने बताया कि इस हादसे में तीन अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल जेसीओ को सैन्य अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
मृतकों की पहचान क्रमश: पायलट मेजर संजीव लाठा, सहायक पायलट मेजर अरविंद बाजला और लेफ्टीनेंट कर्नल रजनीश कुमार के तौर पर की गई है। यह तीनों आर्मी एविएशन कार्प्स से संबद्ध थे। विंग कमांडर बिरदी ने बताया कि जेसीओ की हालत काफी गंभीर है।
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उन्होंने बताया कि चीता हेलीकाप्टर रुटीन उड़ान पर था। वह उतरते समय हेलीपैड के पास ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्राथमिक जांच में हेलीकाप्टर के पंखों के अचानक बंद होने की वजह से हादसे का अनुमान लगाया गया है। सेना के तमाम विमानों का संचालन आर्मी एविएशन कार्प्स ही करती है।
वायुसेना की पूर्वी कमान में लड़ाकू विमानों के साथ हादसे तो होते रहे हैं। लेकिन हाल में पहली बार कोई हेलीकाप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ है। इससे पहले 24 जुलाई 2010 को जलपाईगुड़ी जिले में एक मिग-27 लड़ाकू विमान के दुर्घनाग्रस्त होने की वजह से चार लोगों की मौत हो गई थी।
उसी साल 19 फरवरी को बागडोगरा वायु सेना अड्डे के पास एक मिग-21 विमान हादसे का शिकार हो गया था। उससे पहले 16 फरवरी को हासीमारा वायुसेना अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद ही एक मिग-27 विमान हादसे का शिकार हो गया था। यह तमाम हादसे उत्तर बंगाल में ही हुए थे।
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सेना की पूर्व कमान के प्रवक्ता विंग कमांडर एसएस बिरदी ने बताया कि उक्त चीता हेलीकाप्टर सुबह लगभग साढ़े दस बजे हादसे का शिकार हो गया। उन्होंने बताया कि इस हादसे में तीन अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल जेसीओ को सैन्य अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
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मृतकों की पहचान क्रमश: पायलट मेजर संजीव लाठा, सहायक पायलट मेजर अरविंद बाजला और लेफ्टीनेंट कर्नल रजनीश कुमार के तौर पर की गई है। यह तीनों आर्मी एविएशन कार्प्स से संबद्ध थे। विंग कमांडर बिरदी ने बताया कि जेसीओ की हालत काफी गंभीर है।
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उन्होंने बताया कि चीता हेलीकाप्टर रुटीन उड़ान पर था। वह उतरते समय हेलीपैड के पास ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्राथमिक जांच में हेलीकाप्टर के पंखों के अचानक बंद होने की वजह से हादसे का अनुमान लगाया गया है। सेना के तमाम विमानों का संचालन आर्मी एविएशन कार्प्स ही करती है।
वायुसेना की पूर्वी कमान में लड़ाकू विमानों के साथ हादसे तो होते रहे हैं। लेकिन हाल में पहली बार कोई हेलीकाप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ है। इससे पहले 24 जुलाई 2010 को जलपाईगुड़ी जिले में एक मिग-27 लड़ाकू विमान के दुर्घनाग्रस्त होने की वजह से चार लोगों की मौत हो गई थी।
उसी साल 19 फरवरी को बागडोगरा वायु सेना अड्डे के पास एक मिग-21 विमान हादसे का शिकार हो गया था। उससे पहले 16 फरवरी को हासीमारा वायुसेना अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद ही एक मिग-27 विमान हादसे का शिकार हो गया था। यह तमाम हादसे उत्तर बंगाल में ही हुए थे।