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ओलों से फसल बर्बाद होने पर बुंदेलखंड में तीन और किसानों ने दे दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी/मऊरानीपुर/जालौन
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:03 AM IST
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बुंदेलखंड में किसानों की मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ओलों से फसल बर्बाद होने पर शुक्रवार को भी तीन किसानों ने जान दे दी। इनमें झांसी जनपद के लहचूरा में किसान हरनारायण की सदमे से मौत हुई है, जबकि जालौन के भेड़ी खुर्द में किसान राहुल ने फांसी लगाकर जान दी है। उधर, महोबा में एक किसान मनोज ने जहर खाकर जान दे दी।
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झांसी, जालौन और महोबा में हुईं मौतें
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मऊरानीपुर तहसील के घाट लहचूरा गांव में हरनारायण (50 वर्ष) के खेतों में लहलहा रही फसल ओलों ने बिछा दी। अगले दिन 14 फरवरी को जब वह खेत पर पहुंचे तो तबाही का नजारा देखकर सीने में दर्द हो गया। झांसी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक हरनारायण पर भारतीय स्टेट बैंक धवाकर का डेढ़ लाख रुपये का कर्ज था। हाल ही में छोटी लड़की की शादी करने के लिए साहूकारों से भी पैसा उधार लेना पड़ा था।
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उधर, जालौन के ग्राम भेड़ी खुर्द निवासी किसान राहुल सिंह (28) की थोड़े दिन पहले जानवरों ने काफी फसल नष्ट कर दी थी। इसके बाद बची फसल ओलावृष्टि व बारिश से बर्बाद हो गई, जिससे परेशान होकर बृहस्पतिवार की देर शाम राहुल ने कमरे के पंखे के सहारे साल का फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
एक अन्य जानकारी के मुताबिक महोबा जिले में ग्राम केथौरा निवासी मनोज (22) ने फसल बर्बाद होने पर जहर खा लिया। उसे झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार फसल तैयार करने के लिए उसने गांव में ही कर्जा ले रखा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।