आंध्र प्रदेश में त्रासदियों की श्रृंखला: श्रीकाकुलम ही नहीं, 2025 में भगदड़ और प्राकृतिक आपदा से भी दहला राज्य
आंध्र प्रदेश में साल 2025 में मंदिर में तीन बड़ी घटनाएं हुई हैं, इसमें अब तक 22 मौतें और करीब 100 लोग घायल हैं। ताजा घटना श्रीकाकुलम के कासीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में हुई है। वहीं अप्रैल महीने में विशाखापट्टनम के सिम्हाचलम मंदिर में दीवार गिरने से सात श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। जबकि जनवरी में तिरुपति में भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई थी।
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विस्तार
आंध्र प्रदेश में इस साल अब तक तीन बड़े मंदिर में हुए हादसों में 22 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 100 लोग घायल हुए हैं। शनिवार को श्रीकाकुलम जिले के कासीबुग्गा शहर के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में हुआ हादसा इस श्रृंखला का सबसे नया घटनाक्रम है।
श्री वेंकटेश्वर मंदिर में रेलिंग टूटी, 10 की मौत
शनिवार को कासीबुग्गा में मौजूद श्री वेंकटेश्वर मंदिर में बड़ा हादसा हुआ है। जानकारी के अनुसार, भीड़ के दबाव में मंदिर की सीढ़ियों की रेलिंग टूट गई, जिससे कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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भगदड़ के बाद भयावह वीडियो आए सामने
इस बीच मंदिर के अंदर से कई भयावह वीडियो सामने आई, जिसमें भगदड़ में बेहोश हुए लोगों को सीपीआर देने के लिए श्रद्धालु दौड़ते देखे गए। भगदड़ के वीडियो में लोग भीड़ में बेहोश हुए लोगों की मदद के लिए दौड़ते हुए दिखाई दिए। कुछ वीडियो में लोग एक-दूसरे को भीड़ से निकालकर उनकी मदद करते भी देखे गए।
VIDEO | Andhra Pradesh: Stampede reported at Venkateswara Temple in Kashibugga in Srikakulam district; several devotees injured, rushed to hospital. More details are awaited.
— Press Trust of India (@PTI_News) November 1, 2025
(Source: Third Party)#AndhraPradesh pic.twitter.com/dOJxEI4JHC
संकरी जगह, कमजोर ग्रिल और भीड़ प्रबंधन की कमी - हादसे की वजह
वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में मची भगदड़ में घायल हुए श्रद्धालुओं ने मंदिर में भारी अव्यवस्था का आरोप लगाया है। हादसे में घायल लोगों ने बताया कि मंदिर में जाने और बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता था, जो काफी संकरा। जब मंदिर का गेट अचानक खोला गया, तो जो भक्त दर्शन कर बाहर निकल रहे थे, उनका सामना अंदर जाने वालों से हो गया। इसी दौरान भीड़ बढ़ने से कई लोग गिर पड़े और कमजोर स्टील ग्रिल टूट गई, जिससे कई लोग दब गए।
इससे पहले अप्रैल महीने में विशाखापट्टनम के पास मौजूद श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में बारिश से भीगी दीवार गिरने से सात श्रद्धालुओं की जान गई थी। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जानकारी के अनुसार, ये हादसा श्री वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में चंदनोत्सव के दौरान दीवार का 20 फीट लंबा हिस्सा गिरने से हुआ था।
तिरुपति में भगदड़, छह की मौत
वहीं जनवरी महीने में तिरुपति के बैरागी पट्टेडा इलाके में वैकुंठ द्वार दर्शनम के टिकट लेने के लिए जुटी भीड़ में भगदड़ मच गई थी। इस घटना में छह भक्तों की मौत और करीब 40 लोग घायल हुए थे। जानकारी के मुताबिक, सुबह से करीब 4000 श्रद्धालु तिरुपति में कई टिकट केंद्रों पर वैकुंठ द्वार दर्शन टिकट के लिए कतार में खड़े थे। यह घटना तब हुई जब श्रद्धालुओं को बैरागी पट्टी पार्क में टोकन वितरण के लिए कतार में लगने के लिए कहा गया था।
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मंदिर में हादसों के अलावा, आंध्र प्रदेश पिछले एक हफ्ते में कई आपदाओं से जूझ रहा है। हाल ही में राज्य के कुरनूल जिले में बस में लगी आग से 20 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं चक्रवात 'मोंथा' से राज्य को लगभग 5,244 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है।
कुरनूल बस हादसा - 20 लोग जिंदा जले
आंध्र प्रदेश के कुरनूल में 24 अक्टूबर की तड़के सुबह हुए बस हादसे में 20 लोगों जिंदा जलने से मौत हुई थी। जानकारी के मुताबिक, हादसा बस और बाइक की टक्कर के बाद हुआ। घटना के दौरान बस में कुल 41 यात्री सवार थे। ये घटना रात करीब 3 बजे के आसपास हुई। इस दौरान बाइक बस से टकरा गई, जिसके बाद बाइक का फ्यूल टैंक फट गया। इसके बाद पेट्रोल रिसाव और सड़क पर बाइक के घसीटने के कारण आग लग गई और देखते ही देखते बस जलकर खाक हो गई।
राज्य में तूफानी चक्रवात मोंथा का कहर
चक्रवाती तूफान 'मोंथा' ने भी राज्य में जमकर कहर बरपाया है। राज्य में चक्रवाती तूफान से करीब तीन लोगों की मौत हुई और 1.5 लाख एकड़ फसल बर्बाद हो गई और प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 5,200 करोड़ से अधिक रुपये का नुकसान हुआ है। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, मकान ढह गए और सड़कों पर पानी भर गया। बिजली की आपूर्ति और यातायात बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए।