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Manipur: नई सरकार में कुकी-जो-हमार विधायकों की भागीदारी के खिलाफ प्रदर्शन, तीन जिलों में निकाली गईं रैलियां

Fri, 06 Feb 2026 06:43 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल/चुराचांदपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल/चुराचांदपुर। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 06 Feb 2026 06:43 PM IST
सार

Manipur: मणिपुर के तीन पहाड़ी जिलों में हजारों लोगों ने कुकी-जो-हमार विधायकों की सरकार में भागीदारी के खिलाफ रैलियां निकाली। चुराचांदपुर में उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और अन्य दो विधायकों के पुतले जलाए गए और उनके इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शनों के बाद विधायकों के घरों पर सुरक्षा बढ़ाई गई। पढ़िए रिपोर्ट-

 

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Thousands rally to protest participation of Kuki-Zo-Hmar MLAs in Manipur govt formation
मणिपुर में विरोध प्रदर्शन (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

विस्तार

मणिपुर के तीन पहाड़ी जिलों में शुक्रवार को हजारों लोगों ने रैलियां निकाली। इन लोगों ने राज्य में बनी नई सरकार में कुकी-जो-हमार समुदाय के विधायकों की भागीदारी का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन विधायकों ने अपने समुदाय के साथ विश्वासघात किया है।
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चुराचांदपुर में कुकी विधायक नेमचा किपगेन का पुतला जलाया गया। नेमचा किपगेन नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनी हैं। इसके अलावा, दो अन्य विधायकों एलएम खौते और एन सानाते के भी पुतले जलाए गए। ये दोनों जो और हमार समुदाय से आते हैं। तीनों सत्तारूढ़ भाजपा के विधायक हैं। 
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प्रदर्शनकारियों ने कहां रैलियां निकालीं?
कांगपोकपी और तेंगनोउपल जिलों में भी विरोध रैलियां निकाली गईं। चुराचांदपुर में रैली कुकी महिला मानवाधिकार संगठन और स्वदेशी जनजातीय नेता मंच की महिला शाखा ने मिलकर आयोजित की। यह रैली किपगेन की सरकार में भागीदारी के विरोध में थी।
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प्रदर्शनकारियों ने कोइते मैदान से स्मारक दीवार तक रैली निकाली। चुराचांदपुर शहर में यह रैली लगभग तीन किलोमीटर लंबी थी। प्रदर्शनकारियों ने किपगेन के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए और अपने समुदाय के लिए अलग प्रशासन की मांग दोहराई।

कुकी-जो परिषद ने क्या कहा?
कुकी-जो परिषद ने गुरुवार को कहा कि इन विधायकों ने 13 जनवरी के लुंगथू प्रस्ताव का उल्लंघन किया है। इस प्रस्ताव में तय किया गया था कि समुदाय के सदस्य तभी सरकार गठन में हिस्सा लेंगे, जब केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलेगा कि विधानमंडल के साथ एक अलग प्रशासन यानी केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा।

पहले कूकी बहुल जिले में 24 घंटे का 'पूर्ण बंद' लागू था। रैली की अनुमति देने के लिए इसे अस्थायी रूप से हटा दिया गया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि विधायकों ने लोगों की उम्मीदों को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बना दिया गया। 

तीनों विधायकों के घरों की बढ़ाई गई सुरक्षा
सैकुल और मोरेह में भी इसी तरह की रैलियां हुईं। तीनों भाजपा विधायकों की सरकार में भागीदारी की निंदा की गई। सीमावर्ती शहर मोरेह में भी इसी तरह की रैलियां आयोजित की गईं। प्रदर्शनों के बाद चुराचांदपुर, कांगपोकपी और फेरजावल जिलों में तीनों विधायकों के आवासों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 


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चुराचांदपुर में अशांति, लेकिन नियंत्रण में स्थिति: मंत्री  
इस बीच, बुधवार को मंत्री पद की शपथ लेने वाले गोविंदास कोंथौजम ने कहा कि चुराचांदपुर में कुछ अशांति है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। गोविंदास ने कहा, प्रदर्शनकारी अपना आक्रोश और असंतोष जता रहे हैं। कुछ नहीं होगा। सुरक्षा के इंतजाम हैं, लेकिन तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। उनमें से कई अमन पसंद लोग हैं जो राज्य में सामान्य स्थिति की वापसी चाहते हैं। हालात धीरे-धीरे बेहतर होंगे। 




 
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