फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Those who are close to Swami Prasad in BSP getting 'Spying'

बसपा में स्वामी प्रसाद के करीबियों की हो रही ‘जासूसी’

Sat, 09 Jul 2016 04:07 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मथुरा
ब्यूरो/ अमर उजाला, मथुरा Updated Sat, 09 Jul 2016 04:07 AM IST
विज्ञापन
Those who are close to Swami Prasad in BSP getting 'Spying'
स्वामी प्रसाद मौर्या - फोटो : amar ujala

अब बसपा में स्वामी प्रसाद मौर्य के करीबियों के पीछे ‘बसपाई इंटेलीजेंस’ लग गई है। स्वामी प्रसाद के हाथी से उतरने के बाद जिलों में कौन-कौन उनके संपर्क में है इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अभी तक जो मुख्यालय को रिपोर्ट मिली है उसके मुताबिक कई पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष उनके संपर्क में हैं। इसे देखकर संगठन में भी फेरबदल की संभावनाएं बढ़ गईं हैं।

विज्ञापन


बसपा के संगठन में स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा दखल था। ब्रज क्षेत्र के संगठन में भी उनके कई करीबी हैं। पूर्वांचल के जनपदों में तो संगठन में पदाधिकारियों की तैनाती उनकी ही सिफारिश पर होती थी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में भी उनके खास लोग हैं। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जिम्मा पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पास है।
विज्ञापन


अब बसपा मुख्यालय ने स्वामी प्रसाद मौर्य के करीब वाले नेताओं की निगहबानी शुरू करा दी है। उन नेताओं पर विशेष नजर है जो मौर्य की सिफारिश पर ही संगठन में आए थे। अच्छे पदों पर तैनाती मिली। कोआर्डिनेटर तक बनाए गए हैं। निगहबानी का काम बामसेफ को सौंपा गया है। बामसेफ से जुड़े लोग पूरी जासूसी कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

10 जुलाई को सभी कोआर्डिनेटर लखनऊ तलब

Those who are close to Swami Prasad in BSP getting 'Spying'
स्वामी प्रसाद मौर्य

बसपा के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में फेरबदल किया जा सकता है। स्वामी प्रसाद मौर्य के करीब रहे नेताओं को या तो पदों से हटाया जाएगा या फिर उन्हें पार्टी से बाहर भी किया जा सकता है।

प्रदेश के सभी कोआर्डिनेटर लखनऊ तलब किए गए हैं। 10 जुलाई को बसपा सुप्रीमो मायावती मीटिंग करेंगी। कोआर्डिनेटर के साथ ही संगठन के बड़े पदाधिकारी भी इस मीटिंग में पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में संगठन के साथ ही आने वाले चुनावों को लेकर भी मंथन होगा।

लखनऊ मीटिंग के बाद सभी कोआर्डिनेटर अपने-अपने मंडलों में मीटिंग करके पदाधिकारियों को संगठन के प्रति निष्ठावान रहने की हिदायत देंगे। साथ ही पार्टी छोड़ने वाले लोगों से किसी प्रकार का रिश्ता न रखने को कहा जाएगा। मुख्यालय से साफ कहा गया है कि अगर कोई बसपा छोड़़कर जाने वालों से संबंध रखता है तो उसकी गिनती भी उन्हीं में कर ली जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed