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Monsoon: इस साल भारत में बारिश होने की संभावना कम, फसलों के बढ़ सकते हैं दाम

Mon, 10 Apr 2023 07:23 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 10 Apr 2023 07:23 PM IST
सार

स्काईमेट ने कहा कि हिंद महासागर डिपोल (आईओडी) मानसून को नियंत्रित कर सकता है। आईओडी अगर मजबूत होता है तो अल नीनो कमजोर पड़ सकता है। हालांकि, IOD वर्तमान में तटस्थ है। मौसम की दूसरी छमाही में और अधिक असामान्य होने की उम्मीद है। एक सकारात्मक आईओडी भारतीय मानसून के लिए अच्छा माना जाता है।

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There is less chance of rain in India this Monsoon, prices of crops may increase
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस साल मानसून में होने वाली बारिश के सामान्य से कम ही रहने की संभावना है। सोमवार को प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट वेदर ने दावा करते हुए कहा कि भारत में इस साल बारिश होने की संभावना सामान्य से भी कम है। ला नीना के खत्म होने से 20 प्रतिशत सूखे की संभावना है। साथ ही अल नीनो भी हावी हो सकता है। बारिश कम होने के कारण इस साल फसलों पर संकट आ सकता है। इससे फसलें भी महंगी हो सकती हैं।

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स्काई मेट के अनुसार, इस साल जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर चार महीनों में 868.6 एमएम की बारिश का एलपीए 94 प्रतिशत रहेगा। स्काईमेट ने कहा कि कि देश के उत्तरी और मध्य भागों में बारिश की कमी होगी। गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भी जुलाई और अगस्त के दौरान अपर्याप्त बारिश होगी। उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में साल के दूसरे छमाही में सामान्य से कम बारिश की संभावना है। स्काईमेट ने 20 फीसदी सूखे की आशंका भी जताई है।

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आईएमडी ने जारी नहीं किया पूर्वानुमान
हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी तक मानसून के लिए अपना पूर्वानुमान जारी नहीं किया है। अप्रैल से जून तक देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी होने का अनुमान है। स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने कहा कि अल नीनो की वापसी के कारण इस साल मानसून के कम होने की संभावना है। ला नीना समाप्त हो गया है। अल नीनो की संभावना बढ़ रही है, जिससे बारिश पर असर पड़ेगा।

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जानिए क्या होता है अल नीनो और ला नीना
बता दें, दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में पानी के गर्म होने, मानसूनी हवाओं के कमजोर होने और भारत में कम वर्षा होने वाली स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में पानी के ठंडे होने की विशेषता जो  भारतीय मानसून का पक्ष लेती है, उसे ला नीना कहा जाता है।

आईओडी की महत्वपूर्ण भूमिका 
स्काईमेट ने कहा कि हिंद महासागर डिपोल (आईओडी) मानसून को नियंत्रित कर सकता है। आईओडी अगर मजबूत होता है तो अल नीनो कमजोर पड़ सकता है। हालांकि, IOD वर्तमान में तटस्थ है। स्काईमेट वेदर ने कहा कि अल नीनो और आईओडी के चरण से बाहर होने की संभावना है। मौसम की दूसरी छमाही में और अधिक असामान्य होने की उम्मीद है। एक सकारात्मक आईओडी भारतीय मानसून के लिए अच्छा माना जाता है।


 
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