फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   The Prevention of Corruption Amendment Bill 2018 passed in Lok Sabha

अब घूस देने वालों को होगी जेल, भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन विधेयक को संसद की मंजूरी

Wed, 25 Jul 2018 12:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 25 Jul 2018 12:42 PM IST
विज्ञापन
The Prevention of Corruption Amendment Bill 2018 passed in Lok Sabha
प्रतीकात्मक तस्वीर

रिश्वत लेने वाले के साथ-साथ देने वाले के लिए सजा का प्रावधान और भ्रष्टाचार से संबंधित मामले के दो साल में निस्तारण से संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक (संशोधन) विधेयक 2018 को मंगलवार को संसद की मंजूरी मिल गई है। 

विज्ञापन


 इस विधेयक के तहत रिश्वत देने वाले को सात साल की सजा या जुर्माना या सजा और जुर्माना दोनों लगाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि आरोपी को अपना पक्ष रखने के लिए सात से 15 दिन का समय दिया जाएगा। 
विज्ञापन


भ्रष्टाचार रोकथाम (संशोधित) विधेयक 2018 को पेश करते हुए कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि विधेयक उन अधिकरियों को सुरक्षा प्रदान करेगा, जो अपना कार्य ईमानदारी से करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- लोकपाल पर सरकार से नाराज सुप्रीम कोर्ट, कहा- असंतोषजनक है रवैया



उन्होंने कहा कि विधेयक में भ्रष्टाचार के मामलों में शीध्र सुनवाई सुनिश्चित करने का प्रावधान है। मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के लिए जीरो टॉलरेंस के प्रति बचनबद्ध है। विधेयक में रिश्वत लेने के दोषियों पर जुर्माने के साथ साथ तीन से लेकर सात साल जेल की सजा का प्रावधान कर दिया गया है। यह विधेयक भ्रष्टाचार की रोकथान अधिनियम 1988 में संशोधन करता है। 

इस विधेयक में रिश्वत लेने के दोषियों पर जुर्माने के साथ साथ 3 से लेकर 7 साल तक जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। 


बता दें कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून करीब तीन दशक पुराना है। इसमें संशोधन की कवायद 2013 में हुई थी। इस विधेयक को पहले संसदीय समिति के पास विचार के लिए भेजा गया था। इसके बाद विधि विशेषज्ञों की समिति और फिर वर्ष 2015 में चयन समिति के पास भेजा गया।

इस समिति ने 2016 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। 2017 में बिल को संसद में लाया गया, लेकिन इस पर कोई फैसला तब नहीं हो सका था।
 

रिश्वत लेना और देना भारत को क्यों है पसंद 

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के 2016 के सर्वे के मुताबिक एशिया प्रशांत क्षेत्र के 16 देशों में भारत में सबसे ज्यादा रिश्वत दी जाती है। इन 16 देशों में भारत की रिश्वत दर सबसे ज्यादा है। इस सर्वे में शामिल किए गए भारत के 69 फीसदी लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सार्वजनिक सेवा हासिल करने में यानी सरकारी काम करवाने में कभी ना कभी रिश्वत जरूर दी है। 

इस क्रम में भारत के बाद वियतनाम का नंबर आता है, जहां 65 फीसदी लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने रिश्वत दी है। वहीं पाकिस्तान में 40 फीसदी लोगों ने रिश्वत दी, जबकि चीन में 26 फीसदी लोग रिश्वत देते हैं।

सर्वे के मुताबिक भारत में 73 फीसदी गरीब लोगों को रिश्वत देनी पड़ती है। हालांकि भारत में 55 प्रतिशत अमीरों को भी सरकारी काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। सर्वे के मुताबिक भारत में 10 में से 7 लोग, रिश्वत देते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed