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जानिए भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध हुआ, तो दुनिया का क्या होगा?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 04 Oct 2016 09:10 PM IST
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- फोटो : google
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अगर भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध हुआ, तो 21 मिलियन लोग मारे जाएंगे। दुनिया को बचाने वाली ओजोन परत आधे से ज्यादा नष्ट हो जाएगी और 'परमाणु युद्ध की ठंड' मानसून और खेती को विश्व स्तर पर छिन्न भिन्न कर देगी। पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर भारतीय सेना लड़ाई के विकल्पों पर विचार कर रही है और सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी के सांसद पाकिस्तान पर परमाणु हमला करने की बात कर रहे हैं।
दूसरी ओर पाकिस्तान के भी रक्षामंत्री भारत को परमाणु हमले की धमकी दे रहे हैं। ये सारी चीजों हमें परमाणु युद्ध के गंभीर परिणामों की याद दिला रही हैं, जिसके बारे में अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने 2007 में अपने रिसर्च में दावा किया था।
बीजेपी राज्य सभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने 23 सितंबर को कहा था कि 120 करोड़ से ज्यादा भारतीय पाकिस्तान के परमाणु हमले में मरते हैं, तो जवाब में भारत पाकिस्तान का नामोनिशान मिटा देगा।
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दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध के असली परिणाम और ज्यादा घातक होंगे। 2.1 अरब लोग सीधे तौर पर विस्फोट, आग और रेडिएशन से पहले हफ्ते में मर जाएंगे। ये संख्या द्वितीय विश्व युद्ध में मारे गए लोगों की आधी है। रटगर्स यूनिवर्सिटी, कोलोराडो-बॉउल्डर यूनिवर्सिटी और कैनिफोर्निया यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिल्स ने 2007 के अपने अध्ययन में यह दावा किया है।
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दूसरी ओर पाकिस्तान के भी रक्षामंत्री भारत को परमाणु हमले की धमकी दे रहे हैं। ये सारी चीजों हमें परमाणु युद्ध के गंभीर परिणामों की याद दिला रही हैं, जिसके बारे में अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने 2007 में अपने रिसर्च में दावा किया था।
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बीजेपी राज्य सभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने 23 सितंबर को कहा था कि 120 करोड़ से ज्यादा भारतीय पाकिस्तान के परमाणु हमले में मरते हैं, तो जवाब में भारत पाकिस्तान का नामोनिशान मिटा देगा।
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दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध के असली परिणाम और ज्यादा घातक होंगे। 2.1 अरब लोग सीधे तौर पर विस्फोट, आग और रेडिएशन से पहले हफ्ते में मर जाएंगे। ये संख्या द्वितीय विश्व युद्ध में मारे गए लोगों की आधी है। रटगर्स यूनिवर्सिटी, कोलोराडो-बॉउल्डर यूनिवर्सिटी और कैनिफोर्निया यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिल्स ने 2007 के अपने अध्ययन में यह दावा किया है।
भुखमरी और क्लाइमेट इफेक्ट के शिकार होंगे 2 अरब
इंडिया स्पेंड एनालिसिस ऑफ साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के मुताबिक मरने वालों की यह 2007 से लेकर 2015 तक आतंकी हमले में मारे गए नागरिकों और सुरक्षा बलों की संख्या के 2,221 गुना होगी। इंटरनेशनल फिजिशियन फॉर द प्रिवेंशन ऑफ न्यूक्लियर वॉर के 2013 में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक दुनिया भर में 2 बिलियन लोग भुखमरी और क्लाइमेट इफेक्ट के शिकार हो सकते हैं।
बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में पाकिस्तान के पास परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 110 से 130 हो गई, जबकि 2011 में उसके पास 90 से 110 परमाणु हथियार थे। वैश्विक स्तर पर निशस्त्रीकरण की वकालत करने वाली इस संस्था के मुताबिक भारत के पास 110 से 120 परमाणु हथियार हैं।
बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट डाटा के एक अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान के 66 प्रतिशत परमाणु हथियार जमीन पर आधारित बैलिस्टिक मिसाइलों के हैं।
बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में पाकिस्तान के पास परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 110 से 130 हो गई, जबकि 2011 में उसके पास 90 से 110 परमाणु हथियार थे। वैश्विक स्तर पर निशस्त्रीकरण की वकालत करने वाली इस संस्था के मुताबिक भारत के पास 110 से 120 परमाणु हथियार हैं।
बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट डाटा के एक अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान के 66 प्रतिशत परमाणु हथियार जमीन पर आधारित बैलिस्टिक मिसाइलों के हैं।
चार महानगरों को निशाना बना सकती है हत्फ
पाकिस्तान की हत्फ (पैगंबर मोहम्मद की तलवार के नाम पर) मिसाइल अब ज्यादा डेवलप हो गई है और भारत से खतरे को देखते हुए और विकसित की जा रही है। मुंबई के गेटवे हाउस स्थित नेशनल सिक्योरिटी, एथनिक कंफ्लिक्ट और टेररिज्म के फेलो समीर पाटिल के मुताबिक पकिस्तान की परमाणु हथियारों वाली मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल भारत के चार प्रमुख महानगरों नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और चेन्नई को निशाना बना सकती हैं।
पाटिल ने इंडियास्पेंड को बताया कि मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें भारतीय सेना के महत्वपूर्ण कमांड्स को भी टारगेट कर सकती हैं। पाकिस्तान की गौरी मिसाइलें 1,300 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं। इनकी जद में दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, नागपुर, भोपाल और लखनऊ जैसे शहर हैं। इसके अलावा पड़ोसी देश के पास 2,500 किलोमीटर तक मार करने वाली शाहीन मिसाइल भी है, और यह कोलकाता और पूर्वी तटीय शहरों को बर्बाद कर सकती है।
पाटिल ने इंडियास्पेंड को बताया कि मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें भारतीय सेना के महत्वपूर्ण कमांड्स को भी टारगेट कर सकती हैं। पाकिस्तान की गौरी मिसाइलें 1,300 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं। इनकी जद में दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, नागपुर, भोपाल और लखनऊ जैसे शहर हैं। इसके अलावा पड़ोसी देश के पास 2,500 किलोमीटर तक मार करने वाली शाहीन मिसाइल भी है, और यह कोलकाता और पूर्वी तटीय शहरों को बर्बाद कर सकती है।
गजनवी की जद में लुधियाना, अहमदाबाद और दिल्ली
पाकिस्तान के 16 परमाणु हथियार छोटी दूरी की गजनवी बैलिस्टिक मिसाइल से छोड़े जा सकते हैं। 270 से 350 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली इन मिसाइलों की जद में लुधियाना, अहमदाबाद और दिल्ली है।
इसके अलावा पाकिस्तान के पास शाहीन1 (फॉल्कन) भी है, 750 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली यह मिसाइल लुधियाना, दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद तक मार कर सकती है। पाकिस्तान के पास 60 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली नस्र मिसाइल भी है, इससे भी परमाणु हथियार छोड़े जा सकते हैं। इस तरह के टैक्टिकल हथियार भारतीय सेना की मैदानी युद्ध रणनीति को भी टारगेट कर सकते हैं। पाटिल ने कहा कि पाकिस्तानी रक्षामंत्री आसिफ का इशारा इन्हीं हथियारों की तरफ था।
इसके अलावा पाकिस्तान के पास 350 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली परमाणु हथियारों से लैस आठ बाबर क्रूज मिसाइलें भी हैं। एक अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान के 28 प्रतिशत परमाणु हथियार यानी 36 परमाणु हथियार एयरक्राफ्ट के जरिए गिराए जा सकते हैं। अमेरिका निर्मित एफ-16, 24 परमाणु बम गिरा सकता है, जबकि फ्रांस का बनाया मिराज III/V एक साथ 12 बम गिरा सकता है।
इसके अलावा पाकिस्तान के पास शाहीन1 (फॉल्कन) भी है, 750 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली यह मिसाइल लुधियाना, दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद तक मार कर सकती है। पाकिस्तान के पास 60 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली नस्र मिसाइल भी है, इससे भी परमाणु हथियार छोड़े जा सकते हैं। इस तरह के टैक्टिकल हथियार भारतीय सेना की मैदानी युद्ध रणनीति को भी टारगेट कर सकते हैं। पाटिल ने कहा कि पाकिस्तानी रक्षामंत्री आसिफ का इशारा इन्हीं हथियारों की तरफ था।
इसके अलावा पाकिस्तान के पास 350 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली परमाणु हथियारों से लैस आठ बाबर क्रूज मिसाइलें भी हैं। एक अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान के 28 प्रतिशत परमाणु हथियार यानी 36 परमाणु हथियार एयरक्राफ्ट के जरिए गिराए जा सकते हैं। अमेरिका निर्मित एफ-16, 24 परमाणु बम गिरा सकता है, जबकि फ्रांस का बनाया मिराज III/V एक साथ 12 बम गिरा सकता है।
भारतः पनडुब्बी, मिसाइल और फाइटर एयरक्राफ्ट
बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने जमीन से जमीन पर मार करने वाली 56 पृथ्वी और अग्नि सीरीज की बैलिस्टिक मिसाइलों को डेवलप किया है। ये मिसाइलें भारत के अनुमानतः 106 परमाणु हथियारों का 53 प्रतिशत क्षमता से लैस है।
भारत के पास मौजूद 12 परमाणु हथियार K-15 सागरिका पनडुब्बी के जरिए लॉन्च किए जा सकते हैं। भारत ने परमाणु हथियारों से लैस इन मिसाइलों को आईएनएस अरिहंत को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है।
पाकिस्तान के छोटे भूभाग को देखते हुए समीर पाटिल ने कहा कि भारत इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर और कराची और नौशेरा में पाकिस्तान के आर्मी आर्म्ड कॉर्प्स को निशाना बना सकता है।
हालांकि पाटिल चेताते हैं कि यदि लाहौर और कराची पर परमाणु हमला निशाना चूकता है, तो सिर्फ पाकिस्तान को ही नुकसान नहीं होगा, बल्कि हवा की दिशा के चलते भारत और अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाको को भी नुकसान होगा।
भारत के पास मौजूद 12 परमाणु हथियार K-15 सागरिका पनडुब्बी के जरिए लॉन्च किए जा सकते हैं। भारत ने परमाणु हथियारों से लैस इन मिसाइलों को आईएनएस अरिहंत को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है।
पाकिस्तान के छोटे भूभाग को देखते हुए समीर पाटिल ने कहा कि भारत इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर और कराची और नौशेरा में पाकिस्तान के आर्मी आर्म्ड कॉर्प्स को निशाना बना सकता है।
हालांकि पाटिल चेताते हैं कि यदि लाहौर और कराची पर परमाणु हमला निशाना चूकता है, तो सिर्फ पाकिस्तान को ही नुकसान नहीं होगा, बल्कि हवा की दिशा के चलते भारत और अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाको को भी नुकसान होगा।
अग्नि-III, IV और V के निशाने पर है चीन
2015 में इंडियास्पेंड के विश्लेषण के मुताबिक 250 किलोमीटर दूरी तक मार कर सकने वाली पृथ्वी मिसाइल 24 परमाणु हथियारों को ले जा सकती है। पृथ्वी मिसाइल लाहौर, सियालकोट, राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी को निशाना बना सकती हैं।
भारत के पास परमाणु क्षमताओं से लैस 20 अग्नि-1 एसआरबीएम और 2000 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली आठ अग्नि-2 इंटरमीडिएट बैलिस्टिक मिसाइल भी हैं। ये मिसाइलें क्रमशः सभी पाकिस्तानी शहरों को निशाना बना सकती हैं। इनमें लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, मुल्तान, पेशावर, कराची, क्वेटा और ग्वादर शामिल हैं।
अग्नि-III, IV और V अपनी लंबी दूरियों के साथ पूरे पाकिस्तान को निशाना बना सकती हैं, हालांकि इनका पाकिस्तान के बजाय चीन की ओर ज्यादा है। इसके अलावा भारत के पास शिप से लॉन्च की जाने वाली 350 किलोमीटर के रेंज वाली धनुष मिसाइलें भी हैं, जो परमाणु हथियारों से लैस हैं।
भारत के लड़ाकू विमान कुल परमाणु क्षमता का 45 प्रतिशत दुश्मन देश पर बरसा सकते हैं। वायुसेना के जगुआर लड़ाकू बमवर्षक 16 परमाणु हथियार गिरा सकते हैं, जबकि फ्रांस से निर्मित मिराज-2000 32 परमाणु बम दुश्मनों पर बरसा सकता है।
भारत के पास परमाणु क्षमताओं से लैस 20 अग्नि-1 एसआरबीएम और 2000 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली आठ अग्नि-2 इंटरमीडिएट बैलिस्टिक मिसाइल भी हैं। ये मिसाइलें क्रमशः सभी पाकिस्तानी शहरों को निशाना बना सकती हैं। इनमें लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, मुल्तान, पेशावर, कराची, क्वेटा और ग्वादर शामिल हैं।
अग्नि-III, IV और V अपनी लंबी दूरियों के साथ पूरे पाकिस्तान को निशाना बना सकती हैं, हालांकि इनका पाकिस्तान के बजाय चीन की ओर ज्यादा है। इसके अलावा भारत के पास शिप से लॉन्च की जाने वाली 350 किलोमीटर के रेंज वाली धनुष मिसाइलें भी हैं, जो परमाणु हथियारों से लैस हैं।
भारत के लड़ाकू विमान कुल परमाणु क्षमता का 45 प्रतिशत दुश्मन देश पर बरसा सकते हैं। वायुसेना के जगुआर लड़ाकू बमवर्षक 16 परमाणु हथियार गिरा सकते हैं, जबकि फ्रांस से निर्मित मिराज-2000 32 परमाणु बम दुश्मनों पर बरसा सकता है।