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SLBC Tunnel: सुरंग में फंसे मजदूरों का ठिकाना लगने की जगी उम्मीद; शव खोजी कुत्तों ने दो जगहों की पहचान की
Fri, 07 Mar 2025 10:54 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागरकुरनूल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागरकुरनूल
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 07 Mar 2025 10:54 PM IST
सार
Telangana tunnel collapse: 22 फरवरी को सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद से आठ लोग सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। शुक्रवार को केरल पुलिस के 'शव खोजी कुत्ते' और उनके प्रशिक्षकों की टीम सुरंग के भीतर गई थी। जो वहां फंसे लोगों का पता लगाने में जुटे हुए हैं।
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तेलंगाना सुरंग हादसा
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
तेलंगाना में पिछले महीने 22 फरवरी को आंशिक रूप से ध्वस्त हुई श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग के अंदर बचाव अभियान जारी है। अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए शव खोजी कुत्तों का लगाया गया है। एसएलबीसी सुरंग के अंदर तैनात शव खोजी कुत्तों ने शुक्रवार को मानव उपस्थिति के लिए दो संभावित स्थानों की पहचान की, जहां बचाव कर्मियों ने गाद हटाना शुरू किया।
22 फरवरी को सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद से आठ लोग सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। शुक्रवार को केरल पुलिस के 'शव खोजी कुत्ते' और उनके प्रशिक्षकों की टीम सुरंग के भीतर गई थी। जो वहां फंसे लोगों का पता लगाने में जुटे हुए हैं। बता दें कि बेल्जियन मेलिनॉयस नस्ल के ये 'शव खोजी कुत्ते' 15 फुट की गहराई तक गंध का पता लगाने में सक्षम हैं।
बचाव कार्य में शामिल अधिकारी ने बताया कि कुत्ते उन संभावित स्थानों का पता लगा रहे थे, जहां श्रमिक फंसे हो सकते हैं। उन्होंने दो संभावित स्थानों की पहचान की है और टीमें इन दो बिंदुओं से गाद हटा रही हैं। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की मेडिकल टीम भी सुरंग के अंदर गई है ताकि जब भी श्रमिकों का पता लगाया जाए तो एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारी खनन कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज लिमिटेड और रैट माइनर्स की टीम दिन में सुरंग के अंदर गई और चिन्हित स्थलों पर काम किया।
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इससे पहले, बचाव कर्मियों ने सुरंग के भीतर खुदाई के लिए स्थान चयन में सहायता के लिए एनडीआरएफ के एक 'खोजी कुत्ते' की सेवाएं ली थी। इंजीनियरों और श्रमिकों सहित आठ लोग श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना की सुरंग में 22 फरवरी से फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ, भारतीय सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। बचाव अभियान कठिन परिस्थितियों, कीचड़ और पानी के रिसाव जैसी चुनौतियों के बीच चल रहा है।
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22 फरवरी को सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद से आठ लोग सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। शुक्रवार को केरल पुलिस के 'शव खोजी कुत्ते' और उनके प्रशिक्षकों की टीम सुरंग के भीतर गई थी। जो वहां फंसे लोगों का पता लगाने में जुटे हुए हैं। बता दें कि बेल्जियन मेलिनॉयस नस्ल के ये 'शव खोजी कुत्ते' 15 फुट की गहराई तक गंध का पता लगाने में सक्षम हैं।
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बचाव कार्य में शामिल अधिकारी ने बताया कि कुत्ते उन संभावित स्थानों का पता लगा रहे थे, जहां श्रमिक फंसे हो सकते हैं। उन्होंने दो संभावित स्थानों की पहचान की है और टीमें इन दो बिंदुओं से गाद हटा रही हैं। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की मेडिकल टीम भी सुरंग के अंदर गई है ताकि जब भी श्रमिकों का पता लगाया जाए तो एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारी खनन कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज लिमिटेड और रैट माइनर्स की टीम दिन में सुरंग के अंदर गई और चिन्हित स्थलों पर काम किया।
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इससे पहले, बचाव कर्मियों ने सुरंग के भीतर खुदाई के लिए स्थान चयन में सहायता के लिए एनडीआरएफ के एक 'खोजी कुत्ते' की सेवाएं ली थी। इंजीनियरों और श्रमिकों सहित आठ लोग श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना की सुरंग में 22 फरवरी से फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ, भारतीय सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। बचाव अभियान कठिन परिस्थितियों, कीचड़ और पानी के रिसाव जैसी चुनौतियों के बीच चल रहा है।