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1500 लोगों की टीम वसूलेगी सिंडिकेट बैंक के एनपीए का 1500 करोड़ रुपया
Sun, 13 Jan 2019 12:31 AM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sun, 13 Jan 2019 12:31 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
सिंडिकेट बैंक ने अपने फंसे हुए कर्जों (एनपीए) में से करीब 1500 करोड़ रुपये की वसूली के लिए 1500 लोगों की एक टीम बनाई है। बैंक के प्रबंध निदेशक व सीईओ मृत्युंजय महापात्रा ने शनिवार को कहा कि 1500 करोड़ रुपये के एनपीए की यह वसूली अगले तीन से छह महीने के अंदर कर ली जाएगी।
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महापात्रा ने कहा कि बैंक ने इसके लिए कई प्रक्रियाओं का एक मिश्रण तैयार किया है। 1500 लोगों की एक टीम एनपीए रिकवरी प्रक्रिया के लिए बनाई गई है, जिसके साथ ही स्पेशल बैंक शाखाओं को भी लक्ष्य दिया जाएगा। स्पेशल बैंक शाखा सीधे कॉरपोरेट ऑफिस को अपनी रिपोर्ट देंगी। महापात्रा ने कहा, सितंबर-2018 में हमारा सकल एनपीए 12.9 फीसदी था और शुद्ध एनपीए करीब 6.8 फीसदी था। हम उम्मीद कर रहे हैं कि हम लाभ की स्थिति में आ जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि मार्च के अंत तक हम खर्च और कमाई में लगभग बराबरी पर आ जाएंगे और जून में हम मुनाफा कमाना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा, वर्तमान में बैंक का कुल व्यापार करीबन 4.80 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें 2.15 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि और करीब 2.15 लाख करोड़ रुपये का अग्रिम कारोबार है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही वे कर्मचारी शेयर खरीद योजना के तहत 500 से 600 करोड़ रुपये जुटाएंगे, जो अब तक की सबसे बड़ी कर्मचारी शेयर खरीद योजना होगी।
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कृषि क्षेत्र में कर्ज माफी की आस बढ़ा रही एनपीए
महापात्रा ने कृषि क्षेत्र में तेजी से बढ़े एनपीए के आंकड़े के लिए सरकारों की तरफ से की जाने वाले कर्ज माफी को जिम्मेदार बताया। उन्होंने सीधे तौर पर किसी भी सरकार का नाम नहीं लेते हुए कहा कि कर्जमाफी की आशा में कृषि क्षेत्र में एनपीए बढ़ रहा है। उन्होंने कर्ज माफी के बजाय कृषि क्षेत्र को सीधे लाभ हस्तांतरण वाली योजनाओं को ज्यादा बेहतर बताया।