फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Tamil Nadu: Rift between PMK founder Ramadoss and his son Anbumani widens

Tamil Nadu: PMK में बढ़ रहा गतिरोध, रामदास और अंबुमणि के बीच गहरा रहा मतभेद; पार्टी की एकता पर छाया संकट

Sat, 12 Jul 2025 07:28 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 12 Jul 2025 07:28 PM IST
सार

Tamil Nadu Assembly Election 2026: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) में गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बता दें कि, पार्टी के संस्थापक रामदास और अंबुमणि के बीच मतभेद गहराता जा रहा है। जिससे पार्टी की एकता पर संकट छा गया है।

विज्ञापन
Tamil Nadu: Rift between PMK founder Ramadoss and his son Anbumani widens
पट्टाली मक्कल काची नेता एस. रामदास और अंबुमणि - फोटो : ANI

विस्तार

पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) पार्टी में संस्थापक डॉ. एस. रामदास और उनके बेटे डॉ. अंबुमणि रामदास के बीच मतभेद लगातार गहराते जा रहे हैं। यह पारिवारिक टकराव अब पार्टी की एकता और 2026 के विधानसभा चुनावों की संभावनाओं पर भी असर डाल सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि अगर यह मतभेद जारी रहा तो पार्टी को बड़ा नुकसान होगा। डॉ. रामदास के समर्थक एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'दोनों नेताओं को अपने मतभेद भुलाकर पार्टी को एकजुट रखना चाहिए।' वहीं पार्टी के पुराने नेता जीके मणि, जिन्होंने दोनों के बीच सुलह की कोशिश की, ने कहा कि 'पीएमके कार्यकर्ता इस झगड़े से आहत हैं और चाहते हैं कि यह विवाद जल्द खत्म हो।'
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Politics: 'मैंने कुछ गलत नहीं किया, राजनीतिक शिकार बना रहे'; MSCB घोटाले में आरोपी बनाने पर रोहित पवार का दावा
विज्ञापन


8 जुलाई पिता-पुत्र ने बुलाई अलग-अलग बैठक
8 जुलाई को अंबुमणि ने चेन्नई में पार्टी की गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता की, वहीं उनके पिता डॉ. रामदास ने टिंडिवनम में पार्टी की कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई। इस बैठक में उनके पुराने समर्थक जीके मणि, धीरन और एके मूर्ति भी मौजूद थे। इन नेताओं ने मांग की कि डॉ. रामदास को पार्टी की पूरी कमान संभालनी चाहिए और चुनावी गठबंधन पर भी अंतिम निर्णय उन्हें ही लेना चाहिए। रामदास ने दावा किया कि पार्टी के अधिकांश कार्यकर्ता उनके साथ हैं। विधायक मणि और आर. अरुल भी उनका समर्थन कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कब हुई विवाद की शुरुआत?
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब अंबुमणि ने स्वतंत्र रूप से पार्टी कार्यक्रमों की अगुवाई करनी शुरू की और वन्नियार समुदाय के लिए आंतरिक आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन का एलान कर दिया। इस आंदोलन में डॉ. रामदास ने भाग लेने से इनकार कर दिया। शनिवार को डॉ. रामदास ने आरोप लगाया कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स अंबुमणि समर्थकों ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की है और अकाउंट्स वापस दिलाने की मांग की है।

यह भी पढ़ें - Odisha: यौन उत्पीड़न करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रा ने खुद को लगाई आग; पुलिस हिरासत में आरोपी

रामदास ने खुद की जासूसी का लगाया आरोप
हाल ही में उन्होंने यह चौंकाने वाला दावा भी किया कि उनके आवास थैलापुरम (विल्लुपुरम जिला) में उनकी कुर्सी के पास एक उन्नत जासूसी यंत्र पाया गया है। बताया गया कि यह यंत्र लंदन से मंगवाया गया था। अब इसकी जांच चल रही है कि इसे वहां किसने और क्यों लगाया। इससे पहले डॉ. रामदास ने कहा था कि उनका बेटा अंबुमणि अब उनके उपनाम (सरनेम) का इस्तेमाल न करे। वहीं पार्टी में बढ़ती इस कड़वाहट को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो वन्नियार समुदाय पर आधारित इस पार्टी को चुनाव में भारी नुकसान हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed