फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Tamil Nadu: CM MK Stalin targeted the Centre, said- demanding linguistic equality is not chauvinism

Tamil Nadu: सीएम एमके स्टालिन ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- भाषाई समानता की मांग करना अंधराष्ट्रवाद नहीं

Thu, 06 Mar 2025 12:14 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: बशु जैन Updated Thu, 06 Mar 2025 12:14 PM IST
सार

मुख्यमंत्री और डीएमके के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा कि भाषाई समानता की मांग करना अंधराष्ट्रवाद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि असली अंधराष्ट्रवादी और राष्ट्रविरोधी हिंदी के कट्टरपंथी हैं। वे मानते हैं कि उनका अधिकार स्वाभाविक है, लेकिन हमारा विरोध देशद्रोह है।

विज्ञापन
Tamil Nadu: CM MK Stalin targeted the Centre, said- demanding linguistic equality is not chauvinism
एमके स्टालिन, सीएम, तमिलनाडु - फोटो : ANI

विस्तार

तमिलनाडु में तीन भाषा नीति को लेकर छिड़े विवाद के बीच मुख्यमंत्री और डीएमके के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने एक बार फिर केंद्र पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाषाई समानता की मांग करना अंधराष्ट्रवाद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि असली अंधराष्ट्रवादी और राष्ट्रविरोधी हिंदी के कट्टरपंथी हैं। वे मानते हैं कि उनका अधिकार स्वाभाविक है, लेकिन हमारा विरोध देशद्रोह है।

विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


एक्स पर एक पोस्ट में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने लिखा कि जब आप विशेषाधिकार के आदी हो जाते हैं, तो समानता उत्पीड़न जैसी लगने लगती है। मुझे यह प्रसिद्ध कथन याद आता है जब कुछ कट्टरपंथी हमें तमिलनाडु में तमिलों के उचित स्थान की मांग करने के अपराध के लिए अंधराष्ट्रवादी और राष्ट्रविरोधी करार देते हैं।

उन्होंने कहा कि गोडसे की विचारधारा का महिमामंडन करने वाले वही लोग डीएमके और उसकी सरकार की देशभक्ति पर सवाल उठाने की हिम्मत रखते हैं, जिसने चीनी आक्रमण, बांग्लादेश मुक्ति संग्राम और कारगिल युद्ध के दौरान सबसे अधिक धनराशि का योगदान दिया था। जबकि उनके वैचारिक पूर्वज वही हैं, जिन्होंने बापू गांधी की हत्या की थी।

स्टालिन ने यह भी कहा कि भाषाई समानता की मांग करना अंधराष्ट्रवाद नहीं है। क्या आप जानना चाहते हैं कि अंधराष्ट्रवाद कैसा होता है? अंधराष्ट्रवाद 140 करोड़ नागरिकों पर शासन करने वाले तीन आपराधिक कानूनों को ऐसी भाषा में नाम देना है जिसे तमिल लोग पढ़ कर बोल या समझ भी नहीं सकते। अंधराष्ट्रवाद उस राज्य के साथ दूसरे दर्जे का नागरिक जैसा व्यवहार करना है जो देश में सबसे अधिक योगदान देता है और नई शिक्षा नीति (एनईपी) नामक जहर को निगलने से इनकार करने पर उसे उसका उचित हिस्सा देने से मना करता है ।


उन्होंने कहा कि किसी भी चीज को थोपने से दुश्मनी पैदा होती है। दुश्मनी एकता को खतरे में डालती है। इसलिए असली अंधराष्ट्रवादी और राष्ट्रविरोधी हिंदी के कट्टरपंथी हैं, जो मानते हैं कि उनका अधिकार स्वाभाविक है, लेकिन हमारा विरोध देशद्रोह है।

तीन भाषा नीति को लेकर चल रहा विवाद
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बीच बीते कई दिनों से जुबानी जंग जारी है। बीते दिनों राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तमिलनाडु में लागू करने से स्टालिन के इनकार पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नाराजगी जाहिर की थी। वहीं स्टालिन, केंद्र सरकार पर जबरन राज्य में इसे लागू करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने राज्य पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। इस आरोप का केंद्र सरकार ने खंडन किया है।

संबंधित वीडियो


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed