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तमिलनाडु ने फिर दिल्ली को पछाड़ा महाराष्ट्र के बाद सबसे ज्यादा कोरोना मरीज
Thu, 02 Jul 2020 04:46 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Thu, 02 Jul 2020 04:46 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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कोरोना वायरस को लेकर एक बार फिर तमिलनाडु देश में दूसरा सबसे ज्यादा संक्रमण प्रभावित राज्य बन गया है। महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 90 हजार पार हुर्ह है। अभी तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली दूसरे स्थान पर थी। हालांकि, तमिलनाडु में बीते मंगलवार 3943 मरीज मिलने के बाद कुल मरीजों का आंकड़ा 90,167 पहुंच गया है, जबकि दिल्ली में मरीजों की संख्या 87,360 है। देश में सर्वाधिक 174,761 मरीज महाराष्ट्र में अब तक मिल चुके हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु शुरूआत से ही अतिसंवेदनशील हैं। महाराष्ट्र में पहले दिन से ही कोरोना का ग्राफ बढ़ रहा है। जबकि दिल्ली और तमिलनाडु में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। यही वजह है कि अप्रैल माह की पहले सप्ताह तक दिल्ली दूसरे स्थान पर थी। इसके बाद मई तक तमिलनाडु और उसके बाद फिर दिल्ली वापस आई थी। अब तमिलनाडु एक बार फिर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में 94 दिन में 90 हजार कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे। जबकि तमिलनाडु में यह आंकड़ा 117 दिनों में देखने को मिला है। दिल्ली की बात करें तो यहां 2 मार्च को पहला मरीज मिला था। दिल्ली को यह आंकड़ा पार करने में 122 दिन का समय लग सकता है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु शुरूआत से ही अतिसंवेदनशील हैं। महाराष्ट्र में पहले दिन से ही कोरोना का ग्राफ बढ़ रहा है। जबकि दिल्ली और तमिलनाडु में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। यही वजह है कि अप्रैल माह की पहले सप्ताह तक दिल्ली दूसरे स्थान पर थी। इसके बाद मई तक तमिलनाडु और उसके बाद फिर दिल्ली वापस आई थी। अब तमिलनाडु एक बार फिर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में 94 दिन में 90 हजार कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे। जबकि तमिलनाडु में यह आंकड़ा 117 दिनों में देखने को मिला है। दिल्ली की बात करें तो यहां 2 मार्च को पहला मरीज मिला था। दिल्ली को यह आंकड़ा पार करने में 122 दिन का समय लग सकता है।
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दिल्ली से ज्यादा हो रही जांच
देश में सर्वाधिक 11.70 लाख से अधिक सैंपल की जांच हो चुकी है। 7.56 करोड़ की आबादी वाले तमिलनाडु में 10 लाख की आबादी पर 15466 की जांच हो रही है। 1191 संक्रमित मिल रहे हैं। 43.13 फीसदी मामले सक्रिय हैं और 1.33 फीसदी की मौत हो चुकी है। 5.31 लाख सैंपल की जांच में प्रति 10 लाख आबादी पर 4,409 संक्रमित मिल रहे हैं। 3.14 फीसदी मरीजों की मौत हो चुकी है।
तमिलनाडु व दिल्ली की आबादी में अंतर
संक्रामक रोग विशेषज्ञ एम्स के डॉ. सुदीप्त बताते हैं कि तमिलनाडु और दिल्ली के बीच सबसे बड़ा अंतर आबादी को लेकर है। दिल्ली एक छोटा राज्य है जिसकी आबादी करीब 1.98 करोड़ के आसपास है। बावजूद इसके यहां जांच, संक्रमण दर, मृत्युदर और दोगुना दर तमिलनाडु के अंतर में ज्यादा है। आगामी दिनों में यह तस्वीर बदल भी सकती है। इन दोनों राज्यों से ज्यादा महाराष्ट्र की आबादी करीब 12 करोड़ है। यहां कोरोना वायरस से मृत्युदर 4.49 फीसदी है। साथ ही सक्रिय मरीज 43.48 फीसदी हैं।
देश में सर्वाधिक 11.70 लाख से अधिक सैंपल की जांच हो चुकी है। 7.56 करोड़ की आबादी वाले तमिलनाडु में 10 लाख की आबादी पर 15466 की जांच हो रही है। 1191 संक्रमित मिल रहे हैं। 43.13 फीसदी मामले सक्रिय हैं और 1.33 फीसदी की मौत हो चुकी है। 5.31 लाख सैंपल की जांच में प्रति 10 लाख आबादी पर 4,409 संक्रमित मिल रहे हैं। 3.14 फीसदी मरीजों की मौत हो चुकी है।
तमिलनाडु व दिल्ली की आबादी में अंतर
संक्रामक रोग विशेषज्ञ एम्स के डॉ. सुदीप्त बताते हैं कि तमिलनाडु और दिल्ली के बीच सबसे बड़ा अंतर आबादी को लेकर है। दिल्ली एक छोटा राज्य है जिसकी आबादी करीब 1.98 करोड़ के आसपास है। बावजूद इसके यहां जांच, संक्रमण दर, मृत्युदर और दोगुना दर तमिलनाडु के अंतर में ज्यादा है। आगामी दिनों में यह तस्वीर बदल भी सकती है। इन दोनों राज्यों से ज्यादा महाराष्ट्र की आबादी करीब 12 करोड़ है। यहां कोरोना वायरस से मृत्युदर 4.49 फीसदी है। साथ ही सक्रिय मरीज 43.48 फीसदी हैं।