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Manipur: 'केवल हमारी शर्तों पर बातचीत होगी', मुख्यमंत्री बीरेन सिंह द्वारा दूत की नियुक्ति पर बोले कुकी नेता
Fri, 30 Aug 2024 06:56 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 30 Aug 2024 06:56 PM IST
सार
Manipur: आईटीएलएफ के प्रवक्ता गिंजा वुअलजोंग ने कहा, "हम मुलाकात कर सकते हैं। लेकिन यह बातचीत हमारी शर्तों पर होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि कुकी-जो समुदाय केवल केंद्र सरकार से ही बातचीत करेगा।
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एन बीरेन सिंह
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
मणिपुर के कुकी नेताओं के प्रमुख संगठन इंडीजिनस ट्रायबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र के साथ अगर कोई बातचीत होगी तो उनकी शर्तों पर होगी। संगठन ने मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह की ओर से नियुक्त दूत से किसी भी तरह की बातचीत की संभावना को खारिज किया।
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इससे पहले गुरुवार को एन. बीरेन सिंह ने पीटीआई को इंटरव्यू दिया था। इस दौरान उन्होंने खुलासा किया था कि उन्होंने एक नगा विधायक डिंगांगलुंग गांगमेई को कुकी-जो और मैतेई नेताओं के साथ बाचतीचत के लिए दूत के रूप में नियुक्त किया है। गांगमेई हिल एरिया कमेटी के अध्यक्ष भी हैं। सिंह ने कहा था, संवाद ही एकमात्र रास्ता है।
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आईटीएलएफ के प्रवक्ता गिंजा वुअलजोंग ने कहा, "हम मुलाकात कर सकते हैं। लेकिन यह बातचीत हमारी शर्तों पर होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि कुकी-जो समुदाय केवल केंद्र सरकार से ही बातचीत करेगा। वुअलजोंग ने कहा, "हमारे लिए केवल मैतई (मणिपुर) सरकार से अलग होना एकमात्र समाधान है। हम उस सरकार के अधीन नहीं रह सकते, जिसने हमें मारा। हमें भगा दिया और हमारी संपत्तियों और पूजा स्थलों को जलाया।"
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आईटीएलएफ के इस दृष्टिकोण से पता चलता है कि कुकी-जो समुदाय, मणिपुर सरकार और मैतई समुदाय के बीच दूरी कितनी बढ़ गई है। पिछले साल मई में शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक 220 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और हजारों परिवार विस्थापित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने पीटीआई के साथ बातचीत में कहा था कि उन्हें भरोसा है कि अगले पांच-छह महीनों में शांति और सुलह बहाल हो जाएगी। जिसमें केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और जातीय सामंजस्य को अंतिम रूप देगा। इसके जवाब में वुअलजोंग ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुकी-जो नागरिक समाज संगठन राज्य सरकार पर भरोसा नहीं करते हैं।
उन्होंने एक 48 मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला दिया, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त न्यायिक समिति के सामने पेश किया गया था। ऑडियो में सिंह को कथित तौर पर कुकी बाहुल्य इलाकों पर बमबामी करने की बात करते सुने गए। हालांकि, मणिपुर सरकार ने इस रिकॉर्डिंग पर संदेह जताया है।