Kerala HC: 'खराब गुणवत्ता वाले मांस को राज्य में आने से रोकें', हाईकोर्ट का खाद्य सुरक्षा आयुक्त को निर्देश
खराब गुणवत्ता वाले मांस को लेकर खाद्य सुरक्षा आयुक्त की दलीलों पर गौर करते हुए अदालत ने उन्हें निर्देश दिया कि वह अपने नियंत्रण वाले अधिकारियों को उपयुक्त निर्देश जारी करें, समय-समय पर निरीक्षण करें।
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उच्च न्यायालय ने राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पड़ोसी राज्यों से केरल में 'सुनामी' (खराब गुणवत्ता) मांस के अवैध परिवहन (ट्रांसपोर्ट) को रोकने के लिए समय-समय पर निरीक्षण सहित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि बुनियादी ढांचे की कमी और वैज्ञानिक बूचड़खानों के मुद्दे पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
दरअसल, पिछले साल केरल में खाद्य विषाक्त (फूड पॉइजनिंग) की कई घटनाएं सामने आई थीं। 'शवामा' खाने के बाद एक लड़की की मौत की खबर सामने आई थी। अदालत ने इसको रोकने को लेकर दायर याचिका पर यह निर्देश दिया है।
केरल राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने तमिलनाडु के डिंडीगुल से केरल में सुनामी मांग की ब्रिक्री और परिवहन के बारे में रिपोर्ट दी थी। जिसके बाद जिला न्यायाधीश ने खराब गुणवत्ता वाले मांस को राज्य में आने से रोकने के लिए निर्देश दिए थे।
केएसएलएसए के सदस्य सचिव की रिपोर्ट के बाद खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने अदालत को बताया कि सुनामी मांस को जब्त कर लिया गया था और उसे नष्ट कर दिया गया था। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-2023 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 1131 निरीक्षण किए हैं, 21 निगरानी नमूने उठाए हैं और 505 किलोग्राम मांस को नष्ट किया है।
उन्होंने कहा, उन प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस और बंद करने के नोटिस जारी किए गए हैं जो इस विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने में विफल रहे। खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने अदालत को बताया, रेलवे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किए गए हैं, ताकि राज्य में सुनामी मांस के परिवहन को रोका जा सके।
उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि केरल एक ऐसा राज्य है जो बड़ी मात्रा में मांस का उपभोग करता है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से डिजाइन किए गए बूचड़खानों की कमी से उपभोग किए जा रहे मांस की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। केरल राज्य में केवल कुछ बूचड़खाने हैं, जो मानकों को पूरा करते हैं।
उन्होंने अदालत में दायर एक हलफनामे में कहा था, बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक बूचड़खानों की कमी के कारण मांस की गुणवत्ता सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया है। एक अन्य समस्या जिसका सामना किया जा रहा है वह मांस के स्रोत या उत्पत्ति का पता लगाने या पहचान करने के संबंध में है।
उन्होंने अदालत से यह भी कहा था कि यदि कोई खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाया जाता है, तो 2006 के खाद्य सुरक्षा अधिनियम के साथ-साथ उसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों के तहत प्रावधान के अनुसार अपराधियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त की दलीलों पर गौर करते हुए अदालत ने उन्हें निर्देश दिया कि वह अपने नियंत्रण वाले अधिकारियों को उपयुक्त निर्देश जारी करें, समय-समय पर निरीक्षण करें, रिपोर्ट समेकित करें और तदनुसार, केरल राज्य में सुनामी मांस के अवैध परिवहन को रोकने के लिए कार्रवाई की जाए।
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