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Tajinder Bagga Arrest Case: पंजाब पुलिस से भाजपा नेता को छुड़ा लाई दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस ने दिया साथ, जानिए क्या है इंटर स्टेट गिरफ्तारी का नियम?
Sat, 07 May 2022 10:47 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sat, 07 May 2022 10:47 AM IST
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सार
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तजिंदर बग्गा
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस की हिरासत से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तजिंदर पाल सिंह बग्गा को छुड़ा लिया। शुक्रवार की सुबह ही पंजाब पुलिस ने दिल्ली स्थित घर से तजिंदर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ पंजाब ले जा रही थी, लेकिन इस बीच तजिंदर के पिता ने पंजाब पुलिस पर अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।दिल्ली पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। नियमों का हवाला देते हुए हरियाणा पुलिस की मदद से पहले कुरुक्षेत्र में पंजाब पुलिस के काफिले को रुकवाया और फिर वहां जाकर तजिंदर को वापस दिल्ली लेकर आई। इस पूरे मामले में तीन राज्यों की पुलिस शामिल हुईं।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गिरफ्तार करने के बाद भी पंजाब पुलिस अपने साथ पंजाब क्यों नहीं ले जा पाई? इंटर स्टेट गिरफ्तारी को लेकर नियम क्या कहता है? क्या एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में गिरफ्तारी नहीं कर सकती? आखिर क्यों तजिंदर को दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस की हिरासत से छुड़ा लिया? आइए जानते हैं...
पहले जान लीजिए पूरा मामला क्या है?
तजिंदर बग्गा और अरविंद केजरीवाल
- फोटो :
Amar Ujala
तजिंदर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर एक विवादित ट्वीट करने का आरोप है। इस मामले में पंजाब के मोहाली साइबर थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। पंजाब की पुलिस का दावा है कि पांच बार नोटिस देने के बावजूद तजिंदर पेश नहीं हुए। इसलिए पूछताछ करने के लिए शुक्रवार को पंजाब पुलिस ने दिल्ली स्थित घर से तजिंदर को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस ने क्यों दर्ज किया अपहरण का केस?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि पंजाब पुलिस ने तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी में नियमों का पालन नहीं किया है। उन्होंने बिना स्थानीय पुलिस को बताए तजिंदर को पकड़ लिया। अब तजिंदर के पिता का आरोप है कि उनके बेटे का पंजाब की पुलिस ने अपहरण कर लिया है। इसके अलावा उनके साथ मारपीट और अभद्रता भी की है। शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस पर केस बनता है। इसलिए ये एफआईआर दर्ज हुई है।
दिल्ली पुलिस ने क्यों दर्ज किया अपहरण का केस?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि पंजाब पुलिस ने तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी में नियमों का पालन नहीं किया है। उन्होंने बिना स्थानीय पुलिस को बताए तजिंदर को पकड़ लिया। अब तजिंदर के पिता का आरोप है कि उनके बेटे का पंजाब की पुलिस ने अपहरण कर लिया है। इसके अलावा उनके साथ मारपीट और अभद्रता भी की है। शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस पर केस बनता है। इसलिए ये एफआईआर दर्ज हुई है।
अब जान लीजिए इंटर स्टेट गिरफ्तारी का नियम क्या है?
तजिंदर बग्गा को लेकर दिल्ली पुलिस कुरुक्षेत्र से रवाना।
- फोटो :
ANI
इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कुलदीप पति त्रिपाठी से बात की। उन्होंने कहा, 'देश में किसी भी राज्य की पुलिस किसी भी दूसरे प्रदेश में जाकर गिरफ्तारी कर सकती है। अगर उसके पास वारंट है और आरोपी वांछित है, लेकिन इसके लिए नियमों का पालन जरूरी है।'
त्रिपाठी आगे कहते हैं, 'नियम के अनुसार अगर किसी राज्य की पुलिस किसी दूसरे राज्य में गिरफ्तारी के इरादे से गई है तो इसकी जानकारी संबंधित थाने को देनी जरूरी है। अगर पंजाब पुलिस ने तजिंदर की गिरफ्तारी के मसले पर दिल्ली पुलिस को नहीं बताया तो ये गिरफ्तारी कानूनी रूप से गलत है। इसके साथ ही नियम यह भी कहता है कि जिस जगह गिरफ्तारी हुई है, वहीं के स्थानीय अदालत में आरोपी को पेश करके ट्रांजिट रिमांड लिया जाए। लेकिन पंजाब पुलिस ने ऐसा भी नहीं किया। इसलिए कानूनी रूप से पंजाब पुलिस घिर रही है।'
पंजाब पुलिस पर अपहरण का मामला दर्ज होने के सवाल पर त्रिपाठी कहते हैं कि गिरफ्तारी के बाद भी अगर तजिंदर को दिल्ली के स्थानीय थाने में नहीं ले जाया गया और दिल्ली पुलिस को जानकारी नहीं दी गई तो इस तरह के आरोप लग सकते हैं। लेकिन अगर पंजाब पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दे दी है तो ये अपहरण का मुकदमा नहीं बनता है।
त्रिपाठी आगे कहते हैं, 'नियम के अनुसार अगर किसी राज्य की पुलिस किसी दूसरे राज्य में गिरफ्तारी के इरादे से गई है तो इसकी जानकारी संबंधित थाने को देनी जरूरी है। अगर पंजाब पुलिस ने तजिंदर की गिरफ्तारी के मसले पर दिल्ली पुलिस को नहीं बताया तो ये गिरफ्तारी कानूनी रूप से गलत है। इसके साथ ही नियम यह भी कहता है कि जिस जगह गिरफ्तारी हुई है, वहीं के स्थानीय अदालत में आरोपी को पेश करके ट्रांजिट रिमांड लिया जाए। लेकिन पंजाब पुलिस ने ऐसा भी नहीं किया। इसलिए कानूनी रूप से पंजाब पुलिस घिर रही है।'
पंजाब पुलिस पर अपहरण का मामला दर्ज होने के सवाल पर त्रिपाठी कहते हैं कि गिरफ्तारी के बाद भी अगर तजिंदर को दिल्ली के स्थानीय थाने में नहीं ले जाया गया और दिल्ली पुलिस को जानकारी नहीं दी गई तो इस तरह के आरोप लग सकते हैं। लेकिन अगर पंजाब पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दे दी है तो ये अपहरण का मुकदमा नहीं बनता है।
कालीचरण महाराज की गिरफ्तारी पर भी उठे थे सवाल
कालीचरण महाराज
- फोटो :
सोशल मीडिया
30 दिसंबर को छत्तीसगढ़ पुलिस ने मध्य प्रदेश के खजुराहो से संत कालीचरण महाराज को गिरफ्तार किया था। कालीचरण पर महात्मा गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इस मामले में कांग्रेस नेता की तहरीर पर छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। कालीचरण महाराज की गिरफ्तारी के बाद भी इंटरस्टेट का मुद्दा उठा था। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने तब इस कार्रवाई को गलत ठहराया था। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस को चेतावनी दी थी।