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Indian Army: 'आज के युद्ध में जीत उन्हीं की होगी, जो खुद को बदल सकें', सीडीएस जनरल अनिल चौहान का बयान

Mon, 24 Mar 2025 11:43 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 24 Mar 2025 11:43 PM IST
सार

सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि आज की लड़ाई में जीत उन्हें मिलेगी जो बदलते हालात के अनुरूप खुद को ढालकर नए अवसरों का लाभ उठा सकें। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा सुधार और तकनीकी नवाचार के महत्व पर जोर दिया।

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'Survival in today's battlespace.... about those who can adapt, transform': CDS
सीडीएस अनिल चौहान - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि आज के युद्धक्षेत्र में वहीं जीत पाएंगे जो खुद को बदलने, हालात के अनुसार ढालने और नए अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम होंगे। यह बात उन्होंने सिकंदराबाद स्थित रक्षा प्रबंधन कॉलेज (सीडीएम) में उच्च रक्षा रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम (एचडीएमसी-20) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही। 

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रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, जनरल चौहान ने 21वीं सदी में सुरक्षा से जुड़े जटिल मुद्दों पर बात की। उन्होंने तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों, गैर-पारंपरिक खतरों और तकनीकी प्रगति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य सुरक्षा चुनौतियों के बीच दूरदर्शी नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला। 
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'युद्ध में नवाचार, तकनीकी ज्ञान और दूरदर्शी सोच भी जरूरी'
जनरल चौहान ने कहा, आज के युद्धक्षेत्र में जीत सबसे फिट रहने वालों के लिए ही नहीं है, बल्कि उन लोगों के लिए है जो समय के अनुसार खुद को ढालते हैं और नए अवसरों का लाभ उठाते हैं। उन्होंने बताया कि अब युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं लड़े जाते, बल्कि इसमें नवाचार, तकनीकी ज्ञान और दूरदर्शी सोच भी जरूरी है। सीडीएस ने इस बात पर जोर दिया कि देश की सुरक्षा के लिए पूरे देश के योगदान के दृष्टिकोण की जरूरत है। उन्होंने भारत के सशस्त्र बलों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे वे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। 


'सशस्त्र बलों के एकीकरण को बढ़ावा दे रहा सैन्य मामलों का विभाग'
'रक्षा सुधार वर्ष में राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा और परिवर्तन प्रबंधन' पर अपने व्याख्यान में जनरल चौहान ने बताया कि रक्षा मंत्रालय का सैन्य मामलों का विभाग (डीएमए) सशस्त्र बलों के एकीकरण और तालमेल को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने विजन-2047 केबारे में भी जानकारी दी, जो भविष्य की रक्षा और सैन्य नीतियों, सैन्य सिद्धांतों और समग्र रणनीति को तय करेगा। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उत्पादन और सैन्य क्षमता बढ़ाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की। 

उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में नवाचार, प्रयोग और सहयोग को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि भारत बदलते रणनीतिक माहौल में हमेशा आगे बना रहे। अपने दौरे के दौरान सीडीएस ने संकाय सदस्यों और पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों से बातचीत की। इन प्रतिभागियों में मित्र देशों के अधिकारी भी शामिल थे। 

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