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Navy: सर्जन वाइस एडमिरल कविता सहाय के नाम उपलब्धि, नौसेना में चिकित्सा सेवाओं की महानिदेशक का पद ग्रहण किया
Mon, 14 Oct 2024 01:27 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 14 Oct 2024 01:27 PM IST
सार
नौसेना ने अपने बयान में बताया कि नौसेना में डीजीएमएस का पद लेने से पहले वह एएमएसी सेंटर और कॉलेज में पहली महिला कमांडेंट के तौर पर सेवाएं दे चुकी हैं। वह 30 दिसंबर 1986 को सेना के चिकित्सा कोर में कमीशन हुई थीं।
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सर्जन वाइस एडमिरल कविता सहाय।
- फोटो : PTI
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विस्तार
सर्जन वाइस एडमिरल कविता सहाय ने सोमवार को नौसेना में चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक (डीजीएमएस) का पद संभाला। प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी) पुणे की पढ़ीं सहाय इससे पहले सेना के चिकित्सा कोर में कर्नल कमांडेंट पद पर पहुंचने वाली पहली महिला अफसर रह चुकी हैं।
नौसेना ने अपने बयान में बताया कि नौसेना में डीजीएमएस का पद लेने से पहले वह एएमएसी सेंटर और कॉलेज में पहली महिला कमांडेंट के तौर पर सेवाएं दे चुकी हैं। वह 30 दिसंबर 1986 को सेना के चिकित्सा कोर में कमीशन हुई थीं।
नौसेना ने कहा कि कविता सहाय ने पैथोलॉजी और ओंकोपैथालॉजी में एम्स के जरिए विशेषज्ञता हासिल की है। वह आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च और रेफरल (एचआरआर) और बेस हॉस्पिटल दिल्ली कैंट (बीएचडीसी) में लैब साइंसेज की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके अलावा वह पुणे में एएफएमसी में पैथोलॉजी विभाग में प्रोफेसर पद पर भी रह चुकी हैं।
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नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी विशिष्ट सेवा के सम्मान में सहाय को 2024 में सेना पदक और 2018 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
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नौसेना ने अपने बयान में बताया कि नौसेना में डीजीएमएस का पद लेने से पहले वह एएमएसी सेंटर और कॉलेज में पहली महिला कमांडेंट के तौर पर सेवाएं दे चुकी हैं। वह 30 दिसंबर 1986 को सेना के चिकित्सा कोर में कमीशन हुई थीं।
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नौसेना ने कहा कि कविता सहाय ने पैथोलॉजी और ओंकोपैथालॉजी में एम्स के जरिए विशेषज्ञता हासिल की है। वह आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च और रेफरल (एचआरआर) और बेस हॉस्पिटल दिल्ली कैंट (बीएचडीसी) में लैब साइंसेज की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके अलावा वह पुणे में एएफएमसी में पैथोलॉजी विभाग में प्रोफेसर पद पर भी रह चुकी हैं।
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नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी विशिष्ट सेवा के सम्मान में सहाय को 2024 में सेना पदक और 2018 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है।