Maharashtra: 'धनंजय मुंडे के आवास पर जबरन वसूली को लेकर हुई थी बैठक', बीड सरपंच हत्या मामले में सियासत तेज
बीड सरपंच हत्या मामले में मंत्री धनंजय मुंडे के विरोध में पुणे में एक मराठी मंच ने मोर्चा निकाला। मंच को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक सुरेश धास ने कहा कि जून महीने में महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के सहयोगी वाल्मिक कराड और एक फर्म के अधिकारियों के बीच बीड में मुंडे के आवास पर जबरन वसूली के सौदे पर बैठक हुई थी।
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भाजपा विधायक सुरेश धास ने साधा निशाना
इस मार्च को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक सुरेश धास ने आरोप लगाया कि जून महीने में महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के सहयोगी वाल्मिक कराड और एक फर्म के अधिकारियों के बीच बीड में मुंडे के आवास पर जबरन वसूली के सौदे पर बैठक हुई थी। उन्होंने कहा कि संतोष देशमुख की हत्या के मामले में जबरन वसूली के आरोप में कराड ने सीआईडी के सामने आत्मसमर्पण किया था और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
बता दें कि अखंड मराठा समाज की स्थानीय इकाई द्वारा आयोजित यह मार्च दोपहर में लाल महल से शुरू हुआ और जिला कलेक्टर के कार्यालय पर समाप्त हुआ। इस दौरान, देशमुख के परिवार के सदस्य, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, एनसीपी सांसद बजरंग सोनवणे, भाजपा विधायक सुरेश धास, मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे और विभिन्न दलों के नेता मौजूद थे।
प्रदर्शनकारियों ने मुंडे के खिलाफ लगाए नारे
सुरेश धास ने मामले में कहा कि 14 जून को वाल्मिक कराड और अक्षय ऊर्जा कंपनी के अधिकारियों ने बीड में मुंडे के आवास पर बैठक की थी, जिसमें 3 करोड़ रुपये का सौदा तय हुआ था। मुंडे के पीए ने भी कंपनी के कुछ अधिकारियों से बातचीत की थी।
साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास इस बारे में पुलिस को दिए गए कुछ सबूत हैं। धास ने कहा कि वाल्मिक कराड और उनके पीए 17 मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं, और इन फोन से पुलिस और सीआईडी के अधिकारी सबूत जुटा सकते हैं।
बड़ी संख्याओं में पुलिसकर्मियों का तबादला
मामले में रविवार को एक अधिकारी ने बताया कि बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कंवत ने सरपंच संतोष देशमुख के अपहरण और हत्या के कुछ सप्ताह बाद कुछ पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। यह तबादला शनिवार को किया गया था।
किसे मिली कहां की जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार पुलिस निरीक्षक प्रशांत महाजन को कैज पुलिस थाने से पुलिस नियंत्रण कक्ष में भेजा गया है, जबकि वैभव पाटिल को अब कैज पुलिस थाने का प्रभारी बनाया गया है। पुलिस निरीक्षक सैयद मजहर अली अबुतालिब को परली ग्रामीण पुलिस थाने में नियंत्रण कक्ष का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उपनिरीक्षक सुकुमार बनसोडे को नियंत्रण कक्ष से कैज पुलिस थाने में स्थानांतरित किया गया है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि 9 दिसंबर को बीड के सरपंच संतोष देशमुख का अपहरण किया गया। साथ ही उन्हें प्रताड़ित किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। ऐसा माना जाता है कि यह हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने एक पवनचक्की परियोजना संचालित करने वाली ऊर्जा कंपनी से पैसे वसूलने के प्रयास को विफल करने की कोशिश की थी।
जानकारी के अनुसार में अब तक पुलिस ने हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। दूसरी तरफ, दलित कार्यकर्ता सोमनाथ सूर्यवंशी की परभणी में न्यायिक हिरासत में मौत हो गई। उन्हें दिसंबर में संविधान की कांच से बनी प्रतिकृति के अपमान को लेकर हुई हिंसा में गिरफ्तार किया गया था।