फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court will make guidelines regarding distance of accused from social media on bail

जमानत पर आरोपी की सोशल मीडिया से दूरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट बनाएगा दिशा-निर्देश

Sat, 11 Jul 2020 03:55 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 11 Jul 2020 03:55 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court will make guidelines regarding distance of accused from social media on bail
supreme court - फोटो : ANI

अमरोहा के कांग्रेस नेता की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह जमानत के दौरान आरोपी के सोशल मीडिया से दूरी बनाने के संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी करेगा। दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे सचिन चौधरी को जमानत देते वक्त इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया से दूरी रखने की शर्त लगाई है। चौधरी ने इसको शीर्ष कोर्ट में चुनौती दी है।

विज्ञापन


सीजेआई एसए बोबडे की पीठ ने कांग्रेस नेता की याचिका पर यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह इस मामले में दिशा-निर्देश बनाएगी। इससे पहले पीठ ने चौधरी के वकील सलमान खुर्शीद से कहा, हमें हाईकोर्ट के फैसले में कुछ गलत नहीं दिखाई देता।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: नोटिस और सम्मन भेजने के लिए होगा ई-मेल और मैसेजिंग एप का इस्तेमाल, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी    
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर सोशल मीडिया के इस्तेमाल से किसी तरह का नुकसान पहुंचाने की आशंका है तो अदालत क्यों नहीं ऐसा आदेश पारित कर सकती? इस पर खुर्शीद ने कहा कि उनके मुवक्किल पर सोशल मीडिया के दुरुपयोग का आरोप नहीं है। इस पर पीठ ने कहा कि वह इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगी।


चौधरी को लॉकडाउन के दौरान केंद्र व योगी सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। चौधरी पर देशद्रोह के अलावा आईपीसी की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें ट्रायल पूरा होने तक सोशल मीडिया से दूरी बनाने की शर्त पर जमानत दे दी थी।

सचिन ने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया से दूरी 18 महीने के लिए या ट्रायल खत्म होने तक जो भी कम हो तय कर दी थी। सचिन ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका देकर आदेश को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया था। दलील थी कि यह संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लंघन है।

यह भी पढ़ें: विकास दुबे एनकाउंटर : कैदी को हथकड़ी लगाने या न लगाने पर बहस, क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट    
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed