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सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति की याचिका पर तुरंत सुनवाई से किया इनकार, कहा- 'हमारे पास और भी काम हैं'
Wed, 16 Jan 2019 02:23 PM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shilpa Thakur
Updated Wed, 16 Jan 2019 02:23 PM IST
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Karti Chidambaram
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चितंबरम को एक बार फिर अपनी विदेश यात्राओं को स्थगित करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका एक बार फिर खारिज कर दी है।
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सीजेआई ने कार्ति चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा, "हमारे पास और भी काम हैं।" रिपोर्ट के मुताबिक कार्ति चाहते थे कि उनकी उस याचिका पर तुरंत सुनाई की जाए जिसमें विदेश यात्रा के लिए इजाजत की मांग की गई है। लेकिन कोर्ट ने ऐसा करने से मना कर दिया।
इससे पहले नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति की विदेश यात्रा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था, "कार्ति चिदंबरम का विदेश जाना उतना जरूरी नहीं है जिससे कि इसका असर अन्य प्रकरणों पर पड़े।" इस बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस केएम जोसेफ थे। रिपोर्ट के मुताबिक गोगोई ने तुरंत सुनवाई की मांग करने वाली कई याचिकाओं को खारिज किया है।
इससे पहले सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को बशर्ते विदेश यात्रा की अनुमति दे दी थी। कार्ति को 20-30 सितंबर के बीच विदेश जाने की अनुमति मिली थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि कार्ति विदेश यात्रा पर मिली इस छूट का गलत तरीके से दुरुपयोग कर रहे हैं। वह जांच को लंबा खींचने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
कार्ति कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनकी जांच ईडी और सीबीआई द्वारा की जा रही है। इनमें से एक है आईएनएक्स मामला। जिसमें कार्ति चिदंबरम का भी नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि अपने बेटे के माध्यम से पी चिदंबरम ने यह डील की थी। नियमों के मुताबिक वह 600 करोड़ रुपये के निवेश को अपने स्तर पर मंजूरी दे सकते थे। उनपर आरोप है कि उन्होंने 3500 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अक्तूबर 2018 में आईएनएक्स मीडिया मामले से संबंधित कार्ति की भारत, ब्रिटेन और स्पेन में स्थित 54 करोड़ रुपये की संपत्ति को ईडी ने जब्त कर लिया था। वहीं ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया है। इस ऑर्डर में कार्ति की भारतीय संपत्ति को जब्त करने की बात कही गई है। इस भारतीय संपत्ति में कोडैकानल, तमिलनाडु के ऊटी और दिल्ली के जोरबाग में स्थित फ्लैट शामिल हैं।