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आधार की अनिवार्यता पर SC ने कहा- सरकार लोगों को सेवाओं से वंचित नहीं कर सकती
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
Updated Tue, 27 Jun 2017 05:19 PM IST
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aadhar
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार अनिवार्य बनाने संबंधी केंद्र सरकार की अधिसूचना पर मंगलवार को कोई भी अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया।
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जस्टिस एम खानविलकर और जस्टिस नवीन सिन्हा की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि आधार के अभाव में सरकार द्वारा याचिकाकर्ताओं को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभों से वंचित किए जाने की महज आशंका के आधार पर इस चरण में कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है। पीठ ने शीर्ष अदालत के 9 जून के फैसले का हवाला दिया जिसमें उसने पैन कार्ड और आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार अनिवार्य करने संबंधी आयकर कानून के प्रावधान की वैधता बरकरार रखी थी, लेकिन उसने निजता के अधिकार संबंधी मुद्दे पर संविधान पीठ द्वारा विचार किए जाने तक इसके अमल पर आंशिक रोक लगा दी थी।
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पीठ ने कहा, ‘इस मामले के 9 जून के फैसले के पैरा 90 की टिप्पणियों के मद्देनजर इसमें और किसी टिप्पणी की आवश्यकता नहीं है।’ सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को सूचित किया कि केंद्र ने जिन लोगों के पास आधार नहीं है परंतु वे सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, उनके लिए समय सीमा 30 जून से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान का कहना था कि न्यायालय की ओर से केंद्र को निर्देश दिया जाए कि आधार के बगैर ही सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे लोगों को इससे वंचित न किया जाए।
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पीठ ने कहा, ‘महज आशंका के आधार पर कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया जा सकता है। आपको एक सप्ताह इंतजार करना होगा। यदि किसी व्यक्ति को इससे वंचित किया जाता है तो आप इस ओर न्यायालय का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। इसके साथ ही न्यायालय ने इस मामले को सुनवाई हेतु 7 जुलाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। शीर्ष अदालत विभिन्न समाज कल्याण योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने संबंधी केंद्र सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।