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11 सितंबर तक कार्ति चिदंबरम के विदेश जाने पर रोक
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:23 PM IST
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कार्ती चिदंबरम
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम 11 सितंबर तक देश से बाहर नहीं जा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर पर रोक लगाने से इनकार किया है। वहीं, सीबीआई की ओर से दावा किया गया है कि लुकआउट सुर्कलर जारी करने के पीछे उचित और ठोस वजह है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने लुकआउट सर्कुलर पर रोक लगाने से तो इनकार कर दिया, लेकिन सीबीआई को 11 सितंबर तक इस मामले में जांच की स्थिति बताने के लिए कहा है।
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कार्ति पर आरोप है कि वर्ष 2007 में जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे, उस वक्त आईएनएक्स मीडिया कंपनी ने विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) से क्लीयरेंस लेकर 305 करोड़ रुपये विदेशी फंड प्राप्त किए थे।
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कार्ति की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रह्मणयम ने पीठ से कहा कि अदालती आदेशानुसार उनके मुवक्किल दो दिन सीबीआई के पास जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में कार्ति चिदंबरम के माध्यम से उनके पिता को निशाना बनाया जा रहा है। गोपाल सुब्रह्मणयम ने यह भी कहा कि पी चिदंबरम के कार्यकाल में एफआईपीबी क्लीरेंस से कार्ति का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि एफआईपीबी के छह सदस्यों ने अब तक सीबीआई ने कोई पूछताछ नहीं की है।
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कार्ति की विदेश में कई संपत्तियां : मेहता
सीबीआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने एक बार फिर दोहराया है कि कार्ति की विदेश में कई संपत्तियां और बैंक खाते हैं। सीबीआई की ओर से सीलबंद लिफाफे में पीठ को रिपोर्ट सौंपी गई है।
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सुब्रह्मणयम ने मेनका गांधी के मामले का किया जिक्र
वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रह्मणयम ने सवाल किया कि मेनका गांधी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्या कार्यकारी आदेश के जरिए लुकआउट सर्कुलर जारी करना कानून की नजर में ठहर सकता है? मालूम हो कि मेनका गांधी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विदेश जाने का अधिकार दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।