{"_id":"5a7cb8454f1c1bd04b8b47f9","slug":"supreme-court-said-aadhaar-law-can-not-be-sidelined-if-no-profit-is-received","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: लाभ न मिलने पर आधार कानून को दरकिनार नहीं किया जा सकता","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
SC: लाभ न मिलने पर आधार कानून को दरकिनार नहीं किया जा सकता
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:21 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आधार की मांग पूरी नहीं करने या बायोमेट्रिक से पहचान नहीं होने की स्थिति में लाभ से वंचित किए जाने के कारण किसी कानून को असंवैधानिक करार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल सरकार की उस याचिका पर की जिसमें कहा गया कि आधार न होने या बायोमेट्रिक्स से पहचान न होने की स्थिति में किसी व्यक्ति को सरकारी लाभ से महरूम नहीं रखा जा सकता। पीठ ने कहा कि इस आधार पर किसी कानून को असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता।
विज्ञापन
इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने न्यूज रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आधार न होने के कारण कुछ बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल पा रही है। लिहाजा कोई अंतरिम आदेश पारित किया जाना चाहिए। वहीं केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और यूआईडीएआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सिब्बल की इस दलील का विरोध किया। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक्स फेल होने की स्थिति में वैकल्पिक पहचान दिखाने पर सरकारी लाभकारी योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है।
विज्ञापन
इस पर पीठ ने कहा कि यह दर्शाता है कि यह परेशानी देशभर में है। लेकिन सवाल है कि जब तक प्रभावी तंत्र विकसित नहीं कर लिया जाता तब तक किसी भी व्यक्ति को लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। हालांकि पीठ ने यह भी कहा कि 1.2 अरब लोग आधार के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, यानी अब 10 करोड़ लोग ही बचे हैं। अगर इतनी परेशानी है तो आखिर इतने लोग कैसे पंजीकरण करा सकते हैं।