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Supreme Court: तेजस्वी यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, मानहानि मामला किया खारिज
Tue, 13 Feb 2024 11:37 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 13 Feb 2024 11:37 AM IST
सार
तेजस्वी यादव ने बीती 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर गुजरातियों के लेकर दिया अपना बयान वापस ले लिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने तेजस्वी यादव के खिलाफ दायर मानहानि मामले की शिकायत को खारिज कर दिया है।
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तेजस्वी यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजद नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने तेजस्वी यादव के खिलाफ दायर मानहानि मामले की शिकायत को खारिज कर दिया है। जस्टिस एएस ओका और जस्टिस उज्जल भुयन की पीठ ने अपने आदेश में कहा हमने शिकायत खारिज कर दी है। तेजस्वी यादव ने बीती 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर गुजरातियों के लेकर दिया अपना बयान वापस ले लिया था। बीती 5 फरवरी को कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
क्या था मामला
तेजस्वी यादव ने बीते साल मार्च में अपने एक बयान में कहा था कि 'अब की परिस्थितियों में सिर्फ गुजराती ही ठग हो सकते हैं और उनकी धोखाधड़ी को माफ भी कर दिया जाएगा।' तेजस्वी यादव के इस बयान के विरोध में गुजरात के रहने वाले हरेश मेहता ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था। हरेश मेहता का आरोप था कि तेजस्वी यादव के बयान से गुजरातियों का अपमान हुआ है। इसके बाद मामले की सुनवाई अहमदाबाद की कोर्ट में चल रही थी। शिकायत के बाद अहमदाबाद कोर्ट ने तेजस्वी यादव के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच करायी थी। जांच के आधार पर कोर्ट ने तेजस्वी यादव को समन जारी किया था। इस पर तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले को गुजरात से बाहर और प्राथमिक तौर पर दिल्ली शिफ्ट करने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को ही दे दिए थे मामला खारिज करने के संकेत
तेजस्वी यादव की याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद कोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई पर बीते साल नवंबर में रोक लगा दी थी। तेजस्वी यादव के बयान वापस लेने के हलफनामे के बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले को खत्म करने के संकेत दे दिए थे। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने माना था कि जब माफी मांग ली गई है तो केस को आगे क्यों बढ़ाना।
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क्या था मामला
तेजस्वी यादव ने बीते साल मार्च में अपने एक बयान में कहा था कि 'अब की परिस्थितियों में सिर्फ गुजराती ही ठग हो सकते हैं और उनकी धोखाधड़ी को माफ भी कर दिया जाएगा।' तेजस्वी यादव के इस बयान के विरोध में गुजरात के रहने वाले हरेश मेहता ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था। हरेश मेहता का आरोप था कि तेजस्वी यादव के बयान से गुजरातियों का अपमान हुआ है। इसके बाद मामले की सुनवाई अहमदाबाद की कोर्ट में चल रही थी। शिकायत के बाद अहमदाबाद कोर्ट ने तेजस्वी यादव के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच करायी थी। जांच के आधार पर कोर्ट ने तेजस्वी यादव को समन जारी किया था। इस पर तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले को गुजरात से बाहर और प्राथमिक तौर पर दिल्ली शिफ्ट करने की मांग की थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को ही दे दिए थे मामला खारिज करने के संकेत
तेजस्वी यादव की याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद कोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई पर बीते साल नवंबर में रोक लगा दी थी। तेजस्वी यादव के बयान वापस लेने के हलफनामे के बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले को खत्म करने के संकेत दे दिए थे। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने माना था कि जब माफी मांग ली गई है तो केस को आगे क्यों बढ़ाना।
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