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सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस, पूछा- क्या हड़तालों के लिए डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए
Mon, 02 Dec 2019 01:41 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Mon, 02 Dec 2019 01:41 PM IST
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doctors strike
- फोटो : ani
सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका को लेकर केंद्र और भारतीय चिकित्सा संघ को नोटिस जारी किया। जिसमें डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने और चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाओं पर हड़ताल के प्रभाव को लेकर डॉक्टरों को उत्तरदायी बनाने की मांग की गई थी।
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Supreme Court issues notice to Centre & Indian Medical Association on a petition seeking direction to make doctors liable for going on strike & raising the effect of strike on medical & emergency services. pic.twitter.com/IpdkDeOavH
— ANI (@ANI) December 2, 2019विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि इसका प्रयास गंभीर रूप से बीमार रोगियों के इलाज के रखरखाव के लिए होगा। नागरिकों के हड़ताल करने के अधिकार को मान्यता देते हुए, अदालत ने कहा कि वह उन गंभीर रूप से बीमार रोगियों और आईसीयू में भर्ती मरीजों के लिए सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र विकसित करना चाहेगा।
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जुलाई में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों के खिलाफ हिंसा की जांच के लिए एक केंद्रीय कानून का मसौदा तैयार करने का काम आठ सदस्यीय उप-समिति को सौंपा था। इसकी मांग चिकित्सा बिरादरी द्वारा लंबे समय से चली आ रही थी।
इस पैनल में स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), एम्स आरडीए के प्रतिनिधि शामिल हैं।