फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court not hearing the case of judges' press conference

जजों की प्रेस कांफ्रेंस के मामले का सुप्रीम कोर्ट ने नहीं लिया संज्ञान

Tue, 16 Jan 2018 02:27 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Tue, 16 Jan 2018 02:27 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court not hearing the case of judges' press conference
Supreme Court - फोटो : FILE PHOTO
मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ चार वरिष्ठ जजों की प्रेस कांफ्रेंस का मुद्दा सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में उठा। इन जजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग वाली याचिका का कोर्ट ने संज्ञान नहीं लिया। वकील आरपी लूथरा ने सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों के विभिन्न मामलों के आवंटन के मामले को लेकर प्रेस कांफ्रेंस के मामले को मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष उठाया लेकिन जस्टिस मिश्रा ने नो, नो कहते हुए याचिका को ठुकरा दिया। 
विज्ञापन


पीठ में उनके अलावा जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल थे। लूथरा ने अपनी याचिका में कहा कि लोगों के एक समूह द्वारा न्याय के मंदिर को नष्ट करने नहीं दिया जा सकता। हम देश विरोधी लोगों को संस्थान को बर्बाद करने की अनुमति नहीं दे सकते हैं। इनके खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए, चाहे यह अवमानना की ही क्यों न हो। इससे पहले लूथरा ने मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (एमओपी) के बिना उच्चतर न्यायपालिका में नियुक्तियों को चुनौती दी थी। 
विज्ञापन


पढ़ें- यूनिटेक का प्रबंधन सरकार को देने का आदेश हैरान करने वाला: सुप्रीम कोर्ट
विज्ञापन
विज्ञापन


जजों ने अपने पत्र में लूथरा मामले का किया था जिक्र 

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कांफ्रेंस में जिस पत्र का उल्लेख किया था। उसमें मनमाने तरीके से पसंदीदा पीठ को मामले आवंटित करने के बारे में सवाल उठाने के लिए आरपी लूथरा बनाम भारत सरकार के मामले का भी जिक्र किया गया था। पिछले साल 27 अक्तूबर को दो जजों की पीठ ने उच्चतर न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति के लिए मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर को अंतिम रूप देने में देरी के मुद्दे की न्यायिक समीक्षा पर सहमति जताई थी और अटार्नी जनरल से जवाब तलब किया था। लूथरा खुद इस मामले में पेश हुए थे और उन्होंने एमओपी के अभाव में नियुक्तियों को चुनौती दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed