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Supreme Court: पत्नी के प्रेमी की पुलिस थाने में की थी हत्या, सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी उम्रकैद की सजा

Thu, 04 Jul 2024 11:43 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 04 Jul 2024 11:43 AM IST
सार

शीर्ष अदालत ने निचली अदालत और दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसलों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और दोषी को जमानत देने वाले अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया। पीठ ने अपीलकर्ता को आज से चार सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक कॉन्सटेबल की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। पुलिसकर्मी पर अपनी पत्नी के प्रेमी की पुलिस थाने में हत्या का दोष सिद्ध हुआ था। पुलिसकर्मी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस राजेश बिंदल की पीठ ने दोषी सुरेंद्र सिंह की इस दलील को खारिज कर दिया कि मृतक उसे मारने आया था और उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे पीड़ित की मौत हो गई। पीठ ने कहा कि 'यह हत्या के अलावा और कुछ नहीं है। इस्तेमाल किए गए हथियार की प्रकृति, मृतक पर चलाई गई गोलियों की संख्या, शरीर के वह हिस्सा, जहां गोली मारी गईं, ये सभी इस बात की ओर इशारा करती हैं कि अपीलकर्ता ने मृतक को मारने की ही रणनीति बनाई थी।' 
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चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश
शीर्ष अदालत ने निचली अदालत और दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसलों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और दोषी को जमानत देने वाले अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया। पीठ ने कहा, 'यह अपील खारिज की जाती है। अपीलकर्ता को जमानत देने वाला 2 अप्रैल, 2012 का अंतरिम आदेश निरस्त माना जाता है और अपीलकर्ता को आज से चार सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया जाता है। इस निर्णय की एक प्रति ट्रायल कोर्ट को भेजी जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अपीलकर्ता आत्मसमर्पण करे और अपनी सजा का शेष भाग भुगते।'
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ित का दोषी की पत्नी के साथ अवैध संबंध था और 30 जून, 2002 को मयूर विहार पुलिस स्टेशन में पीड़ित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पीड़ित और दोषी को आखिरी बार पुलिस स्टेशन के अंदर एक-दूसरे से बातचीत करते हुए देखा गया था। साथ ही गवाहों - जिनमें पुलिस स्टेशन के अन्य पुलिस कर्मी थे- उन्होंने दोषी को अपनी आधिकारिक 9-एमएम कार्बाइन से पीड़ित की हत्या करते हुए देखा था।
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