फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SUPREME COURT NEWS AND UPDATE: SC dismisses a PIL seeking direction to govern election spending by PARTIES

Supreme Court: 'यह एक नीति-आधारित मुद्दा', राजनीतिक दलों के चुनाव खर्च को नियंत्रित करने की याचिका पर कोर्ट

Fri, 08 Dec 2023 12:18 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 08 Dec 2023 12:18 PM IST
सार

शीर्ष न्यायालय ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के चुनाव खर्च को नियंत्रित करने और चुनाव के 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार रोकने का निर्देश देने की मांग करने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी।

विज्ञापन
SUPREME COURT NEWS AND UPDATE: SC dismisses a PIL seeking direction to govern election spending by PARTIES
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने  राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के खर्चे को नियंत्रित करने की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा कि यह एक नीति-आधारित मुद्दा है। 

विज्ञापन


48 घंटे पहले चुनाव प्रचार रोकने का निर्देश
शीर्ष न्यायालय ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के चुनाव खर्च को नियंत्रित करने और चुनाव के 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार रोकने का निर्देश देने की मांग करने वाली जनहित याचिका खारिज की। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह इस तरह की याचिका पर कैसे विचार कर सकते हैं। यह या तो विधायी बदलाव हैं या नीतिगत मामले हैं।
विज्ञापन


खर्च की सीमा तय करने
बता दें, पीठ हरियाणा के एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा खर्च की सीमा तय करने, नामांकन से पहले मुद्रित और पोस्ट की गई वस्तुओं पर खर्च को सीमित करने और नामांकन दाखिल करने के दौरान की गई रैलियों के खर्च की गणना करने सहित कई निर्देश देने की मांग की गई थी। इसके अलावा, सभी हाईकोर्ट को छह महीने के भीतर चुनाव याचिकाओं पर फैसला करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा वाली पीठ ने कहा कि ये सभी विधायी नीति के मामले हैं। हम सिर्फ निर्देश दे सकते हैं। पहले से ही एक कानून है। 

यह विधायी बदलाव का मामला
याचिकाकर्ता ने पीठ से कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा खर्च की कोई सीमा नहीं है। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह विधायी बदलाव का मामला है। हम संसद को यह आदेश नहीं दे सकते कि आप इस विषय पर कानून बनाएं।

याचिकाकर्ता ने जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 86 का भी हवाला दिया जो चुनाव याचिकाओं की सुनवाई से संबंधित है। पर पीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि ये सभी नीतिगत मामले हैं।

Trending Videos

सुप्रीम कोर्ट से बेनॉय बाबू को मिली राहत

उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन के एक मामले में शराब निर्माता कंपनी पेरनोड रिकार्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक बेनॉय बाबू को जमानत दे दी है। 
 
अदालत ने कहा कि इस मामले की सुनवाई शुरू नहीं हुई है और आरोप तय नहीं किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि वह 13 महीने से सलाखों के पीछे हैं। ईडी लोगों को इतने लंबे समय तक हिरासत में नहीं रख सकता है।

चंदा कोचर की याचिका पर विचार करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर की बैंक से सेवानिवृत्ति लाभ की मांग वाली याचिका पर विचार करने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि हम उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। शुरुआत में कोचर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि उच्च न्यायालय ने बिना किसी चर्चा या निष्कर्ष के याचिका खारिज कर दी है। पीठ ने कहा कि उसने इसमें शामिल तथ्यों को देखा है और मामले में किसी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। कोचर ने बॉम्बे हाईकोर्ट के तीन मई के आदेश को चुनौती दी है, जिसने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उन्हें कोई भी अंतरिम राहत देने से बैंक को अपूरणीय क्षति और पूर्वाग्रह होगा।

कौशल विकास निगम घोटाला: नायडू की जमानत के खिलाफ याचिका पर 19 जनवरी को सुनवाई
सर्वोच्च न्यायालय तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को नियमित जमानत देने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ आंध्र प्रदेश सरकार की याचिका पर 19 जनवरी को सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने शुक्रवार को नायडू की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे द्वारा राज्य सरकार की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने के बाद मामले में सुनवाई स्थगित कर दी।

शीर्ष अदालत ने 28 नवंबर को याचिका पर नायडू से जवाब मांगा था। शीर्ष अदालत ने चंद्रबाबू नायडू की जमानत की शर्तों में भी ढील दी थी और उन्हें सुनवाई की अगली तारीख आठ दिसंबर तक सार्वजनिक रैलियों और बैठकों में भाग लेने की अनुमति दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed