{"_id":"639adacddaa2e51a9f0c1ee7","slug":"supreme-court-grants-bail-to-convict-faruk-in-godhra-train-coach-burning-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gujarat: गोधरा ट्रेन कोच जलाने के दोषी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, पिछले 17 वर्षों से जेल में था बंद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gujarat: गोधरा ट्रेन कोच जलाने के दोषी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, पिछले 17 वर्षों से जेल में था बंद
Thu, 15 Dec 2022 01:59 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 15 Dec 2022 01:59 PM IST
सार
27 फरवरी, 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में आग लगने से 59 लोगों की मौत हो गई थी, जिससे राज्य में दंगे भड़क उठे थे।
विज्ञापन
गोधरा कांड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 2002 के गोधरा ट्रेन कोच जलाने के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक दोषी को जमानत दे दी। अदालत ने यह जमानत यह देखते हुए दी कि वह पिछले 17 वर्षों से जेल में बंद है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने दोषियों में से एक फारुक की ओर से पेश वकील की दलील पर ध्यान दिया कि उसे अब तक की अवधि को देखते हुए जमानत दी जाए। बता दें कि इस मामले के कई दोषियों की सजा के खिलाफ अपील शीर्ष अदालत में लंबित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया जघन्य अपराध
गुजरात सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह सबसे जघन्य अपराध था जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित 59 लोगों को जिंदा जला दिया गया था और दोषियों की अपील जल्द से जल्द सुनने की जरूरत है। फारूक समेत कई अन्य लोगों को साबरमती एक्सप्रेस के कोच पर पथराव करने का दोषी ठहराया गया था। मेहता ने कहा कि आमतौर पर पथराव करना मामूली प्रकृति का अपराध है। हालांकि, मौजूदा मामले में, ट्रेन के कोच को बोल्ट किया गया था और यह सुनिश्चित करने के लिए पथराव किया गया था कि यात्री बाहर न आ सकें और इसके अलावा, फायर टेंडर पर भी पत्थर फेंके गए।
विज्ञापन
27 फरवरी को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में लगाई गई थी आग
27 फरवरी, 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में आग लगने से 59 लोगों की मौत हो गई थी, जिससे राज्य में दंगे भड़क उठे थे।