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तीन वर्षीय बच्ची की देखभाल के लिए दहेज हत्या के आरोपी डॉक्टर पति को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत

Thu, 10 Jun 2021 04:27 AM IST
Jeet Kumar राजीव सिन्हा, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 10 Jun 2021 04:27 AM IST
सार

  • दमाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले ससुर का भी मिला साथ
  • पीठ ने साफ किया कि सिर्फ बच्ची के कारण दी अंतरिम जमानत 

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Supreme Court granted interim bail for six weeks to accused doctor husband for take care of his 3 year old daughter
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या के आरोपी एक डॉक्टर पति को तीन वर्षीय बेटी की देखभाल करने के लिए छह हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। मृतका भी डॉक्टर थी। बच्ची को कुछ बीमारियां हैं और यह दावा किया गया कि कोई उसकी देखभाल नहीं कर पा रहा है।

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आरोपी डॉक्टर के ससुर ने भी इसी आधार पर जमानत देने का समर्थन किया। उन्होंने ही दामाद के खिलाफ दहेज हत्या, उत्पीड़न और अन्य अपराधों के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
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 जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस एमआर शाह की अवकाशकालीन पीठ ने यह देखते हुए कि आरोपी डॉक्टर सुमित अग्रवाल के ससुर (शिकायतकर्ता) को भी जमानत दिए जाने पर आपत्ति नहीं है, ऐसे में आरोपी को छह हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत देने का निर्णय लिया। पीठ ने साफ किया कि सिर्फ बच्ची के कारण अंतरिम जमानत दी जा रही है।
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पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज करने के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को छह हफ्ते के भीतर नियमित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

इससे पहले सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि उनके मुवक्किल पर हत्या का आरोप झूठा है। बीमार बच्ची की देखभाल करने में सभी लोग असमर्थ हैं, इसलिए उनके मुवक्किल को जमानत दी जाए।

साथ ही उन्होंने बताया कि उनके मुवक्किल का आगरा में कोविड अस्पताल है और कोरोना संकट के इस दौर में उनकी सेवा की दरकार है। सुनवाई के दौरान आरोपी के ससुर की ओर से पेश वकील ने भी कहा कि बच्ची की देखभाल नहीं हो पा रही है, ऐसे में इस आधार पर जमानत दिए जाने पर उन्हें कोई एतराज नहीं है।

यह है मामला
आरोपी डॉक्टर की शादी वर्ष 2014 में दीप्ति अग्रवाल से बड़ी धूमधाम से हुई थी। दीप्ति भी पेशे से डॉक्टर थी। दीप्ति के पिता के मुताबिक, शादी में करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। एफआईआर के मुताबिक, दीप्ति पर दहेज के लिए दबाव डाला जाता था और उसे मारा-पीटा भी जाता था। दीप्ति का दो बार गर्भपात भी हुआ था। बच्चा न होने के बाद उन्होंने एक बच्चे को गोद लिया था।


एफआईआर में यह भी कहा गया है कि गत वर्ष तीन अगस्त को पति और ससुरालवालों ने दीप्ति को मारा-पीटा और खुद को बचाने के लिए दीप्ति को पहले आगरा के अस्पताल में दाखिल कराया। फिर फरीदाबाद के अस्पताल में शिफ्ट कराया। पांच दिनों के बाद दीप्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। पहले इस मामले की जांच यूपी पुलिस कर रही थी लेकिन न्यायालय ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

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