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सुप्रीम कोर्ट ने चारधाम विकास यात्रा के तहत चल रही परियोजनाओं को मंजूरी दी
Fri, 11 Jan 2019 01:24 PM IST
Shani Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shani Mishra
Updated Fri, 11 Jan 2019 01:24 PM IST
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Supreme Court of India
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के चार पवित्र शहरों को सभी मौसम में जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण के लिये चारधाम विकास योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं को शुक्रवार को अपनी मंजूरी दे दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस योजना के तहत रोकी गयी परियोजनाओं के निर्माण का काम अगले आदेश तक रूका रहेगा।
न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति विनीत शरण की पीठ ने केन्द्र से कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश पर रोक लगाने की याचिका में अपना हलफनामा दाखिल करें। अधिकरण ने अपने आदेश में इन परियोजनाओं को मंजूरी देने के साथ ही इनकी निगरानी के लिये एक समिति गठित की थी।
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चारधान परियोजना का मकसद उत्तराखंड के चार पर्वतीय शहरों-यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को सभी मौसम के अनुकूल सड़कों से जोड़ना है।
क्या है यह चारधाम परियोजना
इस योजना को चार धाम मार्ग का पुनरुद्धार भी कहा जा रहा है। केंद्र की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चीन सीमा और चार धामों तक पहुंचने वाली सड़कों को विश्व स्तर का बनाया जाना है। इसके तहत करीब 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से 880 किलोमीटर से ज्यादा सड़क चौड़ीकरण का काम होना है। परियोजना को अगले साल मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था मगर कोर्ट के रोक के बाद अब यह मुश्किल लग रहा है।
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Supreme Court gives go-ahead to govt's Char Dham road widening projects. The project aims to provide all-weather connectivity to the four shrines of Gangotri, Yamunotri, Kedarnath and Badrinath in Uttarakhand. pic.twitter.com/YoLMXeD4GB
— ANI (@ANI) January 11, 2019विज्ञापन
न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति विनीत शरण की पीठ ने केन्द्र से कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश पर रोक लगाने की याचिका में अपना हलफनामा दाखिल करें। अधिकरण ने अपने आदेश में इन परियोजनाओं को मंजूरी देने के साथ ही इनकी निगरानी के लिये एक समिति गठित की थी।
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चारधान परियोजना का मकसद उत्तराखंड के चार पर्वतीय शहरों-यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को सभी मौसम के अनुकूल सड़कों से जोड़ना है।
क्या है यह चारधाम परियोजना
इस योजना को चार धाम मार्ग का पुनरुद्धार भी कहा जा रहा है। केंद्र की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चीन सीमा और चार धामों तक पहुंचने वाली सड़कों को विश्व स्तर का बनाया जाना है। इसके तहत करीब 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से 880 किलोमीटर से ज्यादा सड़क चौड़ीकरण का काम होना है। परियोजना को अगले साल मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था मगर कोर्ट के रोक के बाद अब यह मुश्किल लग रहा है।