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NEET Row: नीट-यूजी में धांधली को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, परीक्षा का परिणाम वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश
Thu, 18 Jul 2024 04:21 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 18 Jul 2024 04:21 PM IST
सार
कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि प्रश्नपत्र लीक की घटना पटना और हजारीबाग तक ही सीमित थी। गुजरात के गोधरा में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। पटना और हजारीबाग में प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक हुए, जबकि गोधरा में दावा किया गया कि परीक्षा आयोजित करने वाले एक व्यक्ति ने कुछ अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट भरने के लिए पैसे लिए।
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NEET, Supreme Court
- फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2024 परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया कि वह अपनी वेबसाइट पर NEET-UG परीक्षा में छात्रों को मिले अंकों को प्रकाशित करे। छात्रों की पहचान गुप्त रखी जाए और परिणाम शहर और केंद्र के हिसाब से अलग-अलग घोषित किए जाने जाएं। उच्चतम न्यायालय ने एनटीए को 20 जुलाई दोपहर 12 बजे तक परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तारीख तय की गई है।
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परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि परीक्षा को फिर से यानी नए सिरे से आयोजित करने के किसी भी आदेश का ठोस निष्कर्ष यह होना चाहिए कि पूरी प्रक्रिया की पवित्रता प्रभावित हुई है। दिन भर चली सुनवाई के दौरान पीठ ने उम्मीदवारों के वकील से परीक्षा आयोजित करने में व्यापक अनियमितताओं के बारे में अपना दावा साबित करने के लिए कहा।
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कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि प्रश्नपत्र लीक की घटना पटना और हजारीबाग तक ही सीमित थी। गुजरात के गोधरा में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। पटना और हजारीबाग में प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक हुए, जबकि गोधरा में दावा किया गया कि परीक्षा आयोजित करने वाले एक व्यक्ति ने कुछ अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट भरने के लिए पैसे लिए।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'टेलीग्राम' पर प्रश्नपत्र लीक होने के दावों पर सवाल उठाते हुए पीठ ने कहा कि आपको यह ध्यान में रखना होगा कि किसी शख्स ने ऐसा राष्ट्रीय स्तर पर तमाशा खड़ा करने के लिए नहीं किया। लोगों ने पैसे के लिए ऐसा किया। इसलिए यह परीक्षा को बदनाम करने के लिए नहीं, बल्कि पैसे कमाने के लिए किया गया। यह अब स्पष्ट है। बड़े पैमाने पर लीक होने के लिए उस स्तर पर भी संपर्क की आवश्यकता होती है, ताकि आप अलग-अलग शहरों में ऐसे सभी प्रमुख संपर्कों से जुड़ सकें।