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सुप्रीम कोर्ट : 15 मार्च से कोर्टरूम सुनवाई के लिए जारी एसओपी को चुनौती
Tue, 09 Mar 2021 02:40 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 09 Mar 2021 02:40 AM IST
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supreme court
- फोटो : पीटीआई
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सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने एक याचिका दायर कर 15 मार्च से शीर्ष अदालत में शुरू होने वाली हाइब्रिड सुनवाई (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ-साथ कोर्टरूम सुनवाई) के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को रद्द करने की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि यह एसओपी बिना उसकी सलाह के तैयार की गई।
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याचिका में कहा गया है कि एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह द्वारा दो मार्च को कोर्टरूम सुनवाई को फिर से शुरू करने को लेकर दिए गए एक लिखित सुझाव पर शीर्ष अदालत ने विचार नहीं किया।
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बार भी न्याय वितरण प्रणाली में एक समान हितधारक है और इसके द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करना चाहिए था। बार ने सामान्य रूप से महसूस किया है कि पिछले कुछ वर्षों से रजिस्ट्री, बार के विचार विमर्श पर गौर किए बिना ही सर्कुलर जारी कर रही है, जबकि इस तरह के आदेश इस अदालत के समक्ष पेश होने वाले वकीलों को सीधे प्रभावित करते हैं। कोविड-19 महामारी के कारण सुप्रीम कोर्ट पिछले वर्ष मार्च से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई कर रहा है।
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अभी मंगल, बुध और बृहस्पतिवार को सुनवाई
पांच मार्च को जारी सर्कुलर के मुताबिक, प्रायोगिक आधार पर और पायलट योजना के तहत मंगलवार, बुधवार और बृहस्पतिवार को सूचीबद्ध अंतिम सुनवाई या नियमित मामलों को हाइब्रिड तौर से सुना जा सकता है। पक्षकारों की संख्या और अदालत कक्ष की क्षमता के अनुसार अदालत निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है।
वहीं सोमवार और शुक्रवार को सूचीबद्ध सभी मामलों की सुनवाई वीडियो या टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जारी रहेगी। वकील या तो प्रत्यक्ष रूप से या वीडियो/ टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हो सकते हैं। मास्क पहनना, हैंड सैनिटाइजर का लगातार उपयोग और शारीरिक दूरी के मानदंडों को बनाए रखना सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वालों के लिए अनिवार्य होगा।