फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court adjourns hearing of petitions challenging CAA till September 19

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने CAA को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई 19 सितंबर तक की स्थागित

Mon, 12 Sep 2022 11:00 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Mon, 12 Sep 2022 11:00 PM IST
सार


केरल सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एक्ट पर रोक लगाने की मांग की। हालांकि, शुरूआत से ही केरल सरकार सीएए का विरोध कर रही हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र का पक्ष जाने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

विज्ञापन
Supreme Court adjourns hearing of petitions challenging CAA till September 19
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : PTI

विस्तार

देश की शीर्ष अदालत ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई टाल गई हैं। अब इन मामलों पर अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी। सोमवार को 220 याचिकाओं पर चीफ जस्टिस यूयू ललित और एस रवींद्र भट की पीठ को सुनवाई करनी थी। 
विज्ञापन

 
कोर्ट में सीएए के खिलाफ दायर याचिकाओं पर 18 दिसंबर 2019 को सबसे पहले सुनवाई हुई थी। 15 जून 2021 को आखिरी बार सुनवाई हुई थी। उल्लेखनीय है कि सीएए के तहत पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश से 31 दिसंबर, 2014 या उससे पहले भारत आए गैर-मुस्लिमों जैसे हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी को भारत की नागरिकता दी जा सकती है।  संशोधित कानून से मुस्लिम प्रवासियों को बाहर रखने पर विपक्षी दलों, नेताओं और अन्य लोगों ने तीखी आलोचना की है।
विज्ञापन


बता दें कि, संसद ने 11 दिसंबर 2019 को नागरिकता अधिनियम (सीएए) पारित किया था। उस दौरान पूरे देश में अधिनियम को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। 10 जनवरी 2020 को देश में विरोध के बीच एक्ट को लागू कर दिया। कोर्ट में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असदुद्दीन ओवैसी, केरल का राजनीतिक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, गैर सरकारी संगठन रिहाई मंच आदि ने याचिका दायर की हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


केंद्र ने दायर किया था हलफनामा 
मार्च 2020 में केंद्र सरकार ने कोर्ट में सीएए को लेकर हलफनामा दायर करते हुए कहा कि यह अधिनियम किसी भी भारतीय नागरिक के कानूनी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित नहीं करता है। साथ ही किसी के मौलिक अधिकार का भी सीएए उल्लंघन नहीं करता।


याचिकाओं में क्या है?
इंडियन मुस्लिम लीग की याचिका में सीएए को समानता के मूल अधिकार का उल्लंघन बता आपत्ति जताई गई है। यह गैरकानूनी प्रवासियों को नागरिकता देते समय धर्म के आधार पर भेद करता है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सीएए को मूल अधिकारों पर हमला कहा है। याचिका के अनुसार, यह कानून धर्म व भौगोलिक परिस्थितियों के दो वर्ग बनाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed