{"_id":"6625cc880b8cffe90c0b77d3","slug":"study-earthquake-is-not-reason-for-bursting-of-glacier-formed-lakes-moraines-can-be-responsible-2024-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"अध्ययन: ग्लेशियर से बनीं झीलों के फटने की वजह भूकंप नहीं, 11,733 घटनाओं का किया परीक्षण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अध्ययन: ग्लेशियर से बनीं झीलों के फटने की वजह भूकंप नहीं, 11,733 घटनाओं का किया परीक्षण
Mon, 22 Apr 2024 08:03 AM IST
यशोधन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Mon, 22 Apr 2024 08:03 AM IST
सार
शोध दल ने 1900 की शुरुआत से चार से अधिक तीव्रता के 11,733 भूकंप और 1900 की शुरुआत से 67 अस्थायी रूप से ज्ञात ग्लेशियर से बनी झीलों में विस्फोट से आने वाली बाढ़ की पहचान करने के लिए संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण कैटलॉग का उपयोग किया। इस डेटासेट का उपयोग भूकंप से जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच करने के लिए किया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ग्लेशियरों से बनी झीलों के फटने का कारण केवल भूकंप नहीं है। हाल ही वैज्ञािनकों ने ग्लेशियर से बनी झीलों और भूकंप से जुड़ी घटनाओं के रिकॉर्ड की जांच के बाद इसका खुलासा किया है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि 1900 से 2021 के बीच ग्लेशियर से बनी झीलों के पास आए 59 भूकंपों में से केवल एक के कारण बाढ़ आई। यह अध्ययन जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित हुआ है।
विज्ञापन
अभी तक माना जाता था कि ग्लेशियर से बनी झीलें भूकंप के कारण कमजोर पड़ जाती है और विस्फोट के साथ नीचले हिस्सों में विनाशकारी हालात पैदा करती है जबकि अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि यह सही नहीं है और ग्लेशियर से बनी झीलों में विस्फोट की प्रक्रियाएं अधिक जटिल हो सकती हैं। शोध के अनुसार भूकंपों के कारण ग्लेशियर से बनी झीलों में विस्फोटों के वर्तमान वैश्विक रिकॉर्ड पर विचार करते हुए शोधकर्ताओं ने केवल 11 को इस संबंध (पेरू, नेपाल और स्विटजरलैंड में होने वाले) से जोड़ा, जिनमें से छह एक ही तीव्रता के 7.9 भूकंप से जुड़े हुए पाए गए।
विज्ञापन
मई 1970 में पेरू की कॉर्डिलेरा ब्लैंका पर्वत शृंखला में, जिसने मुख्य रूप से ग्लेशियर से बनी झीलों को अस्थिर किया। स्पष्ट रूप से विनाशकारी बाढ़ का कारण बनने वाले झीलों को अस्थिर करने वाली भूकंपीय गतिविधि के बीच सहज संबंध है। इसके बावजूद स्थानीय एंडीज और अब तक के वैश्विक साक्ष्य इस धारणा का समर्थन नहीं करते हैं कि ग्लेशियर से बनी झीलों के फटने से आने वाली बाढ़ का करण भूकंप है।
विज्ञापन
भूकंप की 11,733 घटनाओं का किया परीक्षण
शोध दल ने 1900 की शुरुआत से चार से अधिक तीव्रता के 11,733 भूकंप और 1900 की शुरुआत से 67 अस्थायी रूप से ज्ञात ग्लेशियर से बनी झीलों में विस्फोट से आने वाली बाढ़ की पहचान करने के लिए संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण कैटलॉग का उपयोग किया। इस डेटासेट का उपयोग भूकंप से जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच करने के लिए किया।
झीलों के टूटने में मोराइन भी हो सकते हैं जिम्मेदार
ग्लेशियर द्वारा बहा कर लाया हुए मलबे को मोराइन कहा जाता है। ग्लेशियर से बनी झीलों के छोटे आकार का मतलब यह हो सकता है कि इससे पानी का उतना बाहर न निकला हो जितना कि अक्सर निकल जाता है।
भूकंपीय झटकों से मोराइन में गड़बड़ी
भूकंपीय तरंगें, पृथ्वी की आंतरिक परतों के माध्यम से यात्रा करने वाली पी और एस तरंगें, घाटी के तल तक पहुंचते-पहुंचते समाप्त हो जाती हैं, जहां ग्लेशियर झीलें होती हैं। मोराइन तक पहुंचने वाले झटकों में कमी का मतलब है कि उनके ढहने की संभावना कम होती है।
अस्थिर रूप से एकत्रित और पानी से तलछट पिघलने के प्रति संवेदनशील होते हैं, जिससे जमीन की सतह अपनी ताकत खो देती है और ऊपर की संरचनाएं उसमें समा जाती हैं। कुल मिलाकर ग्लेशियर से बनी झील के टूटने के लिए मोराइन भी जिम्मेदार हो सकते हैं।