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आदित्य-एल1: बड़े सोलर फ्लेयर से पहले सूरज में चिंगारियां! क्या विस्फोट से रेडियो, जीपीएस, सैटेलाइट पर भी असर?
सार
- आदित्य-एल1 ने बड़े सोलर फ्लेयर से पहले देखी सूरज में चिंगारियां।
- सूर्य का विस्फोट धरती तक पहुंचा तो रेडियो, जीपीएस, सैटेलाइट हो सकती प्रभावित।
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आदित्य-एल1 ने सुलझाई बड़ी पहेली
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत के आदित्य-एल1 ने सूर्य पर बड़े सोलर फ्लेयर से पहले बहुत छोटी-छोटी चिंगारियों की 102 घटनाएं देखी हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये चमक बड़े सोलर फ्लेयर से कुछ घंटे पहले उसी इलाके में नजर आई है, जहां बाद में बड़ा विस्फोट हुआ। इससे पता चलता है कि सूर्य पर होने वाले बड़े विस्फोट से पहले उसके छोटे संकेत दिखाई दे सकते हैं।
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पृथ्वी की छाया से लगभग मुक्त
आदित्य एल-1 पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य और पृथ्वी के बीच स्थित एल1 बिंदु के आसपास स्थापित है। यहां से ये सूर्य को लगातार देख सकता है और पृथ्वी की छाया से लगभग मुक्त रहता है।
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इसलिए अहम है खोज
वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर भविष्य में इन छोटी चमक और दूसरे संकेतों के बीच संबंध को समझ लिया गया, तो बड़े सोलर फ्लेयर से पहले चेतावनी देने की क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि सूर्य पर अगर शक्तिशाली सौर गतिविधि पृथ्वी की ओर हो तो इसका बड़ा असर पड़ सकता है। इससे रेडियो संचार बाधित हो सकता है, जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं।
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