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यूपी में अवैध बूचडख़ोनों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

Sun, 14 Aug 2016 04:34 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 14 Aug 2016 04:34 AM IST
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Strict action will be taken on illegal butcheries in UP
बूचड़खानों पर कसेगा नकेल - फोटो : Getty
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, बुलंदशहर, संभल और अलीगढ़ जैसे जिलों में बिना उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण की अनुमति के चल रहे बूचडख़ानों पर एनजीटी का सख्त रवैया कायम है। वहीं संबंधित जिलाधिकारियों और प्राधिकरणों ने भी एनजीटी को अवैध बूचडख़ानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और संचालन की अनुमति न देने के संबंध में शपथपत्र दाखिल किया है। 
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याची की अपील और एनजीटी के आदेश संबंधित प्राधिकरणों ने एनजीटी में अवैध बूचडख़ानों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शपथपत्र दाखिल कर दिया है। प्राधिकरणों ने कहा है कि वे बिना अनुमति चलने वाले बूचडख़ानों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही प्रदूषण को कम करने के लिए भी उपाय किये जा रहे हैं। 
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जस्टिस यूडी साल्वी की अध्यक्षता वाली पीठ  पर्यावरणविद शैलेष सिंह के मामले पर सुनवाई कर रही है। एनजीटी में यूपीपीसीबी और केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण ने शपथपत्र दाखिल कर कहा है कि जो भी पर्यावरणीय नुकसान इन अवैध बूचडख़ानों के जरिये हुआ है उसे कम करने की कोशिश की जा रही है। 
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बिना अनुमति नहीं चलेंगे बूचड़खाने

Strict action will be taken on illegal butcheries in UP
हर साल मारे जाते हैं हजारों जानवर - फोटो : Getty

वहीं, यूपीपीसीबी ने अपने बयान में कहा कि वे बुलंदशहर, गाजियाबाद, संभल और अलीगढ़ में ऐसे किसी बूचडख़ाने को चलने की इजाजत नहीं देंगे जिनके पास वायु और जल अधिनियम के तहत संचालन की वैध अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण की ओर से एनजीटी में बयान दिया गया है कि इन सभी जिलों में जब तक बूचडख़ानों को भू-जल दोहन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा तब तक वे भू-जल दोहन नहीं कर सकेंगे। वहीं यदि कोई अवैध तरीके से भू-जल दोहन करने का दोषी पाया गया तो संबंधित जिलाधिकारी के जरिये उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

सुनवाई के दौरान संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने भी बिना वैध अनुमतियों के बूचडख़ानों को न चलने की हामी भरी है। प्राधिकरणों और जिलाधिकारियों के बयान दर्ज होने के बाद याची ने भी संतुष्टि जाहिर की है। अब याची की अन्य आपत्तियों पर एनजीटी अगली सुनवाई 26 अगस्त को करेगा। 

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