क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण को लेकर अभी भी वेट एंड वॉच : विदेश मंत्रालय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशिष्टि व्यक्तियों के लिए जाने वाले अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के हाथ अभी खाली है। मंत्रालय अभी वेट एंड वॉच की भूमिका में है। वहीं केन्द्रीय आन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) पूरी तरह से विदेश मंत्रालय की सूचना पर निर्भर है।
सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल और विदेश मंत्रालय के सूत्र दोनों का कहना है कि मिशेल के भारत को प्रत्यर्पित किए जाने अथवा यूएई की अदालत द्वारा दिए गए मिशेल के प्रत्यर्पण संबंधी आदेश के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है।
इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि मिशेल के प्रत्यर्पण की खबर मीडिया में चल रही है। भारतीय टेलीजिन चैनल और समाचार एजेंसी भी इसे चला रही है, लेकिन उनके पास कोई पुख्ता सूचना नहीं है।
सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने भी कहा कि मिशेल को भारत को प्रत्यर्पित करा पाना सीबीआई की बड़ी कामयाबी होगी, लेकिन इसके बारे में उनके पास जानकारी का आभाव है। सीबीआई विदेश मंत्रालय पर निर्भर है और भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसको लेकर अभी कुछ भी कन्फर्म नहीं किया है।
तकनीकी पेच से भरा है मिशेल का प्रत्यर्पण
क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण आसान नहीं है। खलीज टाइम्स के अनुसार मिशेल को भारत लाने के लिए दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ले जाया गया है, लेकिन भारतीय एजेंसियां अभी प्रत्यर्पण की कोई पुष्टि नहीं कर रही हैं। मिशेल यूएई में है, लेकिन वह ब्रिटिश नागरिक है। मिशेल अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले में बिचौलिए की भूमिका निभाने के कारण भारत के लिए वांछित है।
इसके लिए भारतीय एजेंसियां यूएई की अदालत में मिशेल के प्रत्यर्पण का मुकदमा लड़ रही हैं, लेकिन किसी दूसरे देश के नागरिक(ब्रिटेन) को यूएई की अदालत किसी तीसरे देश(भारत) को कैसे प्रत्यर्पित कर सकती है? इसकी वैधानिकता क्या होगी?
भारत किस आधार पर यूएई की अदालत के फैसले पर ब्रिटेन के नागरिक का प्रत्यर्पण कराकर अपने देश में ला सकेगा और इसका भारत तथा ब्रिटेन के संबंध पर क्या असर पड़ेगा? ये सवाल काफी पेचीदा हैं। माना जा रहा है कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी इस सवाल पर कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। विदेश सचिव विजय गोखले के लिए इसका जवाब ढूंढ पाना आसान नहीं है और सीबीआई के भीतर भी यह बड़ा तकनीकी मामला माना जा रहा है।
कौन है क्रिश्चियन मिशेल
3,600 करोड़ रुपये की लागत से विशिष्ट व्यक्तियों के लिए खरीदे जाने वाले 12 अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टर सौदे में मिशेल ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। इस सौदे में कदाचार के आरोप पूर्व वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल एसपी त्यागी पर भी है। हालांकि सौदे में कदाचार के आरोप के बाद भारत ने एक जनवरी 2014 को रद्द कर दिया है।