Tamil Nadu: 'राज्यपाल को गोडसे का अनुयायी कहा', राष्ट्रगान पर विवाद के बीच राजभवन के विधानसभा अध्यक्ष पर आरोप
राजभवन ने कहा कि जब अध्यक्ष ने अभिभाषण समाप्त किया, तो माननीय राज्यपाल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रगान के लिए उठे। हालांकि, अध्यक्ष ने कार्यक्रम का पालन करने के बजाय उनके खिलाफ निंदा शुरू कर दी।
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तमिलनाडु विधानसभा के इतिहास में पहली बार राज्यपाल आरएन रवि ने आज सुबह सदन में अपने अभिभाषण को कुछ ही मिनटों के भीतर समाप्त कर दिया था। इसपर सियासी बवाल मच गया है। ऐसे में तमिलनाडु राजभवन ने पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया कि राज्यपाल रवि के अभिभाषण में सच्चाई से दूर भ्रामक दावों के साथ कई अंश थे। वहीं, इसमें अध्यक्ष पर राज्यपाल का अपमान करने का आरोप भी लगाया है।
नाथूराम गोडसे का अनुयायी बताया
राजभवन के पत्र में कहा गया कि राज्यपाल के अभिभाषण में सच्चाई से दूर भ्रामक दावों के साथ कई अंश थे। जब अध्यक्ष ने अभिभाषण समाप्त किया, तो माननीय राज्यपाल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रगान के लिए उठे। हालांकि, अध्यक्ष ने कार्यक्रम का पालन करने के बजाय राज्यपाल के खिलाफ निंदा शुरू की और उन्हें नाथूराम गोडसे और अन्य का अनुयायी कहा।
"The Draft Governor's address had numerous passages with misleading claims far from truth...Speaker called him a follower of Naathuram Godse and more...," states Tamil Nadu Raj Bhavan. pic.twitter.com/69lD7XW0R6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 12, 2024
राज्यपाल की ‘निजी’ टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाया
वहीं, तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष एम. अप्पावु ने सोमवार को कहा कि पारंपरिक अभिभाषण के दौरान राज्यपाल आर एन रवि द्वारा की गई ‘व्यक्तिगत’ टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया है। इसके साथ ही राज्य में राज भवन और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के बीच टकराव बढ़ गया है।
अप्पावु ने कहा, ‘उन्होंने (तैयार किए गए अभिभाषण से) जो पढ़ा, वह ठीक है। उसके बाद उन्होंने कुछ व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं जिन्हें हटा दिया गया है।’ राष्ट्रगान पर भी रवि ने कुछ टिप्पणियां की थीं। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रगान राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन आखिर में बजाया जाता है।
सदन के नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही राज्यपाल के अभिभाषण के बाद तमिल मंगलाचरण गीत ‘तमिल थाई वज्थू’ के साथ शुरू होती है और कार्यवाही समाप्त होने पर ‘अंत में राष्ट्रगान बजाया जाता है।’
यह है मामला
गौरतलब है, राज्यपाल रवि ने कहा था, 'मेरे बार-बार अनुरोध और सलाह के बाद भी राष्ट्रगान के प्रति उचित सम्मान नहीं दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही संबोधन की शुरुआत और अंत में इसे बजाने के मेरे अनुरोध को नजरअंदाज भी कर दिया गया है। साथ ही इस अभिभाषण में कई ऐसे अंश हैं, जिनसे मैं तथ्यात्मक और नैतिक आधार पर सहमत नहीं हूं। मेरा इसे पढ़ना एक संवैधानिक उपहास होगा। इसलिए सभा के सम्मान में, मैं अपना अभिभाषण यहीं समाप्त करता हूं। लोगों की भलाई के लिए इस सदन में सार्थक और स्वस्थ चर्चा की कामना करता हूं।'