भारत में सबसे अधिक सड़क हादसों के लिए जिम्मदेार है 'तेज रफ्तार'
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सड़क दुर्घटनाओं के पीछे के बड़े कारणों में से एक तेज रफ्तार है। वहीं इसके पीछे की वजह खराब सड़क और यातायात नियमों का पालन न करना भी है। भारत में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाओं की पीछे तेज रफ्तार अधिक जिम्मेदार रही है। सबसे अधिक 23 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण होती हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाने से 15 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। ओवरटेकिंग के कारण 13 फीसदी, लापरवाही से वाहन चलाने के कारण 9 फीसदी और सड़क की खराब हालत एवं गड्ढों के कारण 6 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं।
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क्या हैं अन्य वजह
सड़क हादसों के पीछे की अन्य वजहों में रोड रेज/हिंसक व्यवाहर (यातायात में सड़क पर चालकों द्वारा हिंसक रोष व्यक्त करना) के कारण 3 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं, ड्राइवर की थकान के कारण 3 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं, दिखावा करना/ करतब दिखाने के कारण 3 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं, गलत साइड ड्राइविंग करने के कारण 3 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं और गाड़ी चलाते वक्त फोन का इस्तेमाल करने से 3 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
राज्यों के अनुसार ये है सड़क दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण-
- पंजाब- 21 फीसदी, ओवरटेकिंग
- दिल्ली और हरियाणा- 24 फीसदी, लापरवाही से वाहन चलाना
- मध्यप्रदेश- 28 फीसदी, तेज रफ्तार
- गुजरात- 31 फीसदी, ओवरटेकिंग
- महाराष्ट्र- 20 फीसदी, नशे में वाहन चलाना
- केरल- 28 फीसदी, तेज रफ्तार
- तमिलनाडु- 28 फीसदी, तेज रफ्तार
- आंध्र प्रदेश/तेलंगाना- 34 फीसदी, तेज रफ्तार
- पश्चिम बंगाल- 15 फीसदी, नशे में गाड़ी चलाना
- असम- 29 फीसदी, तेज रफ्तार
- बिहार- 27 फीसदी, ओवटेकिंग
- हिमाचल प्रदेश- 32 फीसदी, तेज रफ्तार
78 फीसदी ड्राइवरों का मानना है कि उनके आसपास वाहन चलाने वाले लोग सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाते हैं। वहीं 50 फीसदी ड्राइवर तो ऐसे हैं जो वाहन चलाते वक्त कभी स्पीडोमीटर ही चेक नहीं करते।
सोर्स- एमओआरटीएच (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय) द्वारा 15 राज्यों में किया गया सर्वे।