कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने किया मुशर्रफ का समर्थन, कहा- कश्मीरी चाहते हैं आजादी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज के बयान ने जम्मू-कश्मीर ही नहीं पूरे देश की राजनीति को गर्म कर दिया है। सोज के बयान की भाजपा और शिवसेना ने कड़ी निंदा की है। हालांकि, अभी तक सोज के बयान पर कांग्रेस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बता दें कि सैफुद्दीन सोज ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का एक दशक पहले दिये बयान को सही बताया है और कहा है कि कश्मीरी आजादी चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मुशर्रफ का कहना था कि कश्मीरी पाकिस्तान के साथ नहीं जाना चाहते उनकी पहली पसंद आजादी है। यह बयान तब भी सही था और अब भी सही है। मैंने भी यही बात कही है लेकिन मुझे मालूम है कि ऐसा नहीं हो सकता है।'
शिवसेना की नेता मनीषा कायंदे ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष को सैफुद्दीन सोज के बयान का जवाब देना चाहिए और यह बताना चाहिए कि क्या यह उनकी पार्टी की विचारधारा है। यदि सोज के मन में पाकिस्तान और मुशर्रफ के प्रति इतनी ही आसक्ति है तो उन्हें पाकिस्तान जाकर उनका नौकर बन जाना चाहिए।'
इस ममाले पर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, 'एक केंद्रीय मंत्री के नाते उन्होंने (सैफुद्दीन सोज) अपनी केंद्रीय शक्तियों का इस्तेमाल तब किया था जब उनकी बेटी का जेकेएलएफ ने अपहरण कर लिया था। इस तरह के लोगों की मदद करने का कोई फायदा नहीं होता है। जो कोई यहां रहना चाहता है कि वह संविधान के हिसाब से रह सकता है। यदि उन्हें मुशर्रफ पसंद है तो हम उन्हें पाकिस्तान का टिकट दे देते हैं।'
विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफ़ुद्दीन सोज ने कहा है कि उन्होंने अपनी किताब में जो बातें कही हैं वो उनकी निजी राय है और इनका पार्टी से कोई लेनादेना नहीं है।
सोज ने में कहा, 'किताब में जो बातें मैंने कहीं, वो मेरी निजी राय है। पार्टी से इसका कोई मतलब नहीं है।' दरअसल, सोज ने अपनी पुस्तक 'कश्मीर: ग्लिम्पसेज ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल' में परवेज मुशर्रफ के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर वोटिंग की स्थितियां होती हैं तो कश्मीर के लोग भारत या पाक के साथ जाने की अपेक्षा अकेले और आजाद रहना पसंद करेंगे।
संप्रग सरकार में मंत्री रहे सोज ने यह भी दावा किया कि घाटी में मौजूदा हालात के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों के लिए शांतिपूर्ण माहौल की स्थापना जरूरी है, जिससे यहां के लोग शांति से रह सकें।
Musharraf said Kashmiris don't want to merge with Pakistan, their first choice is independence. The statement was true then and remains true now also. I say the same but I know that it is not possible: Saifuddin Soz, Congress pic.twitter.com/pmtWIxhN16
— ANI (@ANI) June 22, 2018