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सरकार पर हमला: सांप्रदायिक घटनाओं के बीच सोनिया ने कहा- देश में फैलाया जा रहा 'नफरत का वायरस', पीएम मोदी से भी किया सवाल
Sat, 16 Apr 2022 04:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 16 Apr 2022 04:08 PM IST
सार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नफरत, कट्टरता और असहिष्णुता देश को अपनी चपेट में ले रही है, अगर इन्हें रोका नहीं गया तो यह समाज को नुकसान पहुंचाएगा।
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सोनिया गांधी
- फोटो : PTI
विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नफरत, कट्टरता और असहिष्णुता देश को अपनी चपेट में ले रही है, अगर इन्हें रोका नहीं गया तो यह समाज को नुकसान पहुंचाएगा। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने अपने एक लेख में लोगों से आह्वान किया है कि इसे आगे नहीं बढ़ने दिया जाए। उन्होंने लोगों से 'घृणा की इस प्रचंड आग और सुनामी' को रोकने का आग्रह किया। लेख में सोनिया ने लिखा कि अगर इस आग को नहीं रोका गया तो ये पिछली पीढ़ियों द्वारा इतनी मेहनत से बनाई गई सभी चीजों को नष्ट कर देगी।
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इस लेख में सोनिया ने 'नफरत के वायरस' की बात कही है। उन्होंने लिखा कि नफरत और विभाजन का वायरस है जो अविश्वास को बढ़ाता है और देश में स्वस्थ बहस को दबाता है ये एक देश और समाज के रूप में हमें नुकसान पहुंचा रहा है। इस दौरान उन्होंने सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे लोगों को हिदायत क्यों नहीं देते जो ऐसी बातें करते हैं जिससे समाज में विभाजन होता है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या भारत को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में होना चाहिए? उसने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल स्पष्ट रूप से भारत के नागरिकों को यह विश्वास दिलाना चाहता है कि ऐसा वातावरण उनके सर्वोत्तम हित में है।
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एक अंग्रेजी समाचार पत्र में उन्होंने अपने लेख में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नफरत, कट्टरता, असहिष्णुता और असत्य का एक सर्वनाश आज हमारे देश को घेर रहा है। अगर हम इसे अभी नहीं रोकते हैं, तो यह हमारे समाज को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने लिखा कि देश में इस समय फर्जी राष्ट्रवाद की वेदी पर शांति और बहुलवाद की बलि दी जा रही है।
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गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का यह लेख तब आया है जब हाल ही में देश में कई जगहों पर सांप्रदायिकता भड़की है और उसके चलते हिंसा भी हुई और माहौल खराब हुआ। हाल ही में कर्नाटक में हिजाब विवाद को राजस्थान के करौली,अलवर और मध्य प्रदेश के खरगोन, पश्चिम बंगाल के बांकुरा समेत रामनवमी पर देश के कई स्थानों पर सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं सामने आईं है।
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि यह एक मजाक ही तो है कि देश के लिए एक उज्ज्वल, नया भविष्य बनाने और उत्पादक उद्यमों में युवा दिमागों को शामिल करने के लिए संसाधनों का उपयोग करने क बजाय समय और मूल्यवान संपत्ति का उपयोग एक कल्पित अतीत को वर्तमान के संदर्भ में नए सिरे से संशोधित करने के प्रयासों में किया जा रहा है।
लेख में, उन्होंने दावा किया कि सरकार का विरोध करने वालों को धमकाया जा रहा है, उन्हें जबरन चुप कराने की कोशिश हो रही है, वहीं सोशल मीडिया का इस्तेमाल विशेष रूप से जनता को बरगलाने वाले झूठ का प्रचार करने के लिए किया जा रहा है। सोनिया गांधी ने कहा कि वर्तमान में डर, धोखा और डराना तथाकथित 'अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार' रणनीति के स्तंभ बन गए हैं।
कांग्रेस के अन्य नेता भी उनके इस लेख को साझा करके सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राहुल गांधी ने ट्विटर पर लेख का एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि हर भारतीय भाजपा-आरएसएस से नफरत की कीमत चुका रहा है। भारत की सच्ची संस्कृति साझा उत्सव, समुदाय और एकजुट रहने की है। आइए इसे संरक्षित करने का संकल्प लें। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस लेख को लेकर कहा कि समाज में नफरत और हिंसा की भावना व्याप्त हो रही है, जो कि भाजपा द्वारा संचालित की जा रही है।