Rajasthan: भाजपा की हैट्रिक रोकने के लिए कांग्रेस कर रही यह तैयारी, करवा सकती है सोनिया गांधी की सभाएं
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी नेताओं का कहना है कि हमारी मांग है कि प्रदेश में पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सभाएं और रोड शो हों। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस की तरफ से हाईकमान को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है...
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लोकसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन के बाद प्रचार अभियान ने जोर पकड़ लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मार्च को मेरठ से अपने चुनावी कैंपेन की शुरुआत करने जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस भी राजस्थान में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की आम सभा की तैयारियों में जुट गई है। सोनिया गांधी जयपुर में सभा को संबोधित कर सकती हैं।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी नेताओं का कहना है कि हमारी मांग है कि प्रदेश में पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सभाएं और रोड शो हों। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस की तरफ से हाईकमान को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है। संभवतः सोनिया गांधी छह अप्रैल को राजस्थान में सभा को संबोधित कर सकती हैं। जयपुर के अलावा वे अन्य एक या दो सीटों पर भी जनसभा को संबोधित कर सकती हैं।
दरअसल, इन लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी की सक्रियता ज्यादा दिखाई दे रही है। इस बार वे उम्मीदवार चयन करने वाली सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की हर बैठक में मौजूद रही हैं। इसके अलावा घोषणा पत्र चयन समिति की बैठक में उन्होंने सुझाव भी दिए। स्वास्थ्य ठीक होने की स्थिति में सोनिया गांधी लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा ले सकती हैं। सोनिया गांधी राजस्थान से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गई हैं, ऐसे में राजस्थान में ज्यादा सभाएं कर सकती हैं।
इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की सभा और रोड शो के कार्यक्रम भी तैयार किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम राज्य में होने वाले दो चरणों के चुनावों को देखते हुए तैयार किए जा रहे हैं। नेताओं की रैली और रोड शो लोकसभा उम्मीदवारों की मांग के हिसाब से तय किए जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस ने अभी पहले चरण की नामांकन रैलियों में स्थानीय नेताओं को ही बुलाया था। अब तक के नामांकन के दौरान रैलियों में पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट गए। लेकिन अब चुनाव प्रचार के लिए राष्ट्रीय नेताओं को बुलावा भेजा जा रहा है। अगले एक या दो दिन में सभी बड़े नेता राजस्थान में प्रचार अभियान करते हुए नजर आएंगे। पार्टी ने इस बार प्रचार की रणनीति में भी बदलाव किया है। कांग्रेस का फोकस इस बार ज्यादा सभाओं की जगह उम्मीदवार के ज्यादा क्षेत्र कवर करने पर है। कुछ बड़े नेताओं की चुनिंदा सभाओं के अलावा स्थानीय प्रचार पर ही फोकस रखा जाएगा।
प्रदेश में दो चरणों में होंगे चुनाव
राजस्थान में 25 लोकसभा सीटों पर दो चरणों में संपन्न कराए जाएंगे। इसमें पहले 19 अप्रैल को 12 सीटों पर और 26 अप्रैल को 13 सीटों पर मतदान कराए जाएंगे। राजस्थान में 25 सीटों पर भाजपा जीत का दावा कर रही है। वहीं, कांग्रेस इस बार लोकसभा चुनाव में जीत का खाता खोलने की उम्मीद के साथ उतरने वाली है।
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की सभी 25 सीटों पर कब्जा था। जबकि 2019 के चुनाव में भाजपा ने 24 सीटें जीती थीं। एक सीट पर हनुमान बेनीवाल की पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दल को जीत मिली थी। बेनीवाल लोकसभा चुनाव जीते थे। उस वक्त बेनीवाल एनडीए का हिस्सा थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में बेनीवाल की पार्टी इंडी गठबंधन का हिस्सा है। इन चुनावों में बेनीवाल फिर से नागौर सीट से उम्मीदवार हैं, जबकि उनके सामने भाजपा की ज्योति मिर्धा हैं। मिर्धा पहले कांग्रेस में थीं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई हैं।