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सिक्किम टनल हादसा: राज्यपाल-सीएम ने घटनास्थल का लिया जायजा, रंगपो में बनेगा विशेष केंद्र
Tue, 21 Jul 2026 07:13 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एन.अर्जुन, गंगटोक, अमर उजाला
एन.अर्जुन, गंगटोक, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Tue, 21 Jul 2026 07:13 PM IST
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सिक्किम टनल हादसा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन एडीआईटी-3 सुरंग में हुए हादसे के बाद मंगलवार को राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने घटनास्थल का दौरा किया। दोनों ने मौके पर राहत और बचाव अभियान की प्रगति का जायजा लिया और
क्या है पूरा मामला?
अधिकारियों से हादसे की परिस्थितियों की जानकारी ली। सोमवार दोपहर करीब 1:05 बजे हुई इस घटना में करीब 25 श्रमिक और परियोजना से जुड़े अधिकारी सुरंग के भीतर फंस गए थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मीथेन गैस के दहन के बाद यह हादसा हुआ।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री को नामची के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एनएचपीसी अधिकारियों तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों ने बचाव अभियान की स्थिति और प्रभावित श्रमिकों को दिए जा रहे चिकित्सा उपचार की जानकारी दी। दोनों ने घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बचाव अभियान में तेजी लाने और सुरंग में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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मुआवजा जल्द जारी करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री ने एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता को हादसे में प्रभावित लोगों को मुआवजा जल्द जारी करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, प्रत्येक घायल को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को रंगपो में मृतकों की पहचान के लिए विशेष व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही दूसरे राज्यों से आए श्रमिकों के प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता और हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने को कहा।
एनडीआरएफ की दूसरी बटालियन, कोलकाता के कमांडेंट मनीष कुमार रंजन ने दोनों नेताओं को सुरंग के भीतर फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान, उसकी प्रगति और सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत जानकारी दी। बचाव अभियान में एनडीआरएफ, आसनसोल की माइंस रेस्क्यू टीम, एसडीआरएफ और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज समेत विभिन्न एजेंसियां एनएचपीसी के साथ समन्वय कर काम कर रही हैं। राज्य सरकार ने कहा कि स्थिति की उच्चतम स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
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क्या है पूरा मामला?
अधिकारियों से हादसे की परिस्थितियों की जानकारी ली। सोमवार दोपहर करीब 1:05 बजे हुई इस घटना में करीब 25 श्रमिक और परियोजना से जुड़े अधिकारी सुरंग के भीतर फंस गए थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मीथेन गैस के दहन के बाद यह हादसा हुआ।
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राज्यपाल और मुख्यमंत्री को नामची के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एनएचपीसी अधिकारियों तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों ने बचाव अभियान की स्थिति और प्रभावित श्रमिकों को दिए जा रहे चिकित्सा उपचार की जानकारी दी। दोनों ने घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बचाव अभियान में तेजी लाने और सुरंग में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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मुआवजा जल्द जारी करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री ने एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता को हादसे में प्रभावित लोगों को मुआवजा जल्द जारी करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, प्रत्येक घायल को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को रंगपो में मृतकों की पहचान के लिए विशेष व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही दूसरे राज्यों से आए श्रमिकों के प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता और हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने को कहा।
एनडीआरएफ की दूसरी बटालियन, कोलकाता के कमांडेंट मनीष कुमार रंजन ने दोनों नेताओं को सुरंग के भीतर फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान, उसकी प्रगति और सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत जानकारी दी। बचाव अभियान में एनडीआरएफ, आसनसोल की माइंस रेस्क्यू टीम, एसडीआरएफ और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज समेत विभिन्न एजेंसियां एनएचपीसी के साथ समन्वय कर काम कर रही हैं। राज्य सरकार ने कहा कि स्थिति की उच्चतम स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।